

Chhagan Bhujbal Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 लोकसभा सांसदों के पाला बदलने और 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता के बाद सियासी पारा सातवें आसमान पर है। इस महा-दलबदल और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच अब सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के वरिष्ठ नेता, कैबिनेट मंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) के दिग्गज छगन भुजबल का बड़ा बयान सामने आया है। भुजबल ने जहां एक तरफ इस पूरे घटनाक्रम पर अंतिम फैसला जनता की अदालत पर छोड़ दिया है, वहीं यह भी साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी एनसीपी इस तरह के किसी राजनीतिक ऑपरेशन का हिस्सा बनेगी या नहीं।
दूसरी तरफ, अपने सांसदों को खो चुके उद्धव गुट के प्रवक्ता संजय राउत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक और तीखे तेवर अख्तियार कर लिए हैं।
मीडिया ने जब कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल से सीधा सवाल किया कि महाराष्ट्र की राजनीति में जो तोड़-फोड़ हो रही है, क्या वह नैतिक रूप से सही है? इस पर भुजबल ने सधे हुए अंदाज में कहा, "फिलहाल मेरे पास इसका कोई सीधा जवाब नहीं है। लेकिन एक बात साफ है कि सूबे की जनता सब कुछ बहुत करीब से देख रही है। ये जो पब्लिक है, ये सब जानती है। क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला पांच साल बाद तब होगा जब हम सब दोबारा वोट मांगने जनता के सामने जाएंगे।" जब उनसे पूछा गया कि क्या एनसीपी भी आने वाले दिनों में ऐसा ही कोई 'ऑपरेशन' करने वाली है? तो उन्होंने स्पष्ट किया, "हम ऐसे कोई ऑपरेशन वगैरह नहीं करते हैं और वर्तमान परिस्थितियों में हमें इसकी कोई जरूरत भी नहीं है।"
सांसदों की बगावत से तिलमिलाए शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बागी सांसदों पर मर्यादा लांघते हुए बेहद व्यक्तिगत हमले किए। राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "अमित शाह इस देश के लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। देश के इतिहास में जो काला अध्याय लिखा जाएगा, उसमें उनका नाम सबसे ऊपर रहेगा। ये लोग ईडी, सीबीआई और बेतहाशा पैसे के दम पर देश की राजनीति हांक रहे हैं।" एक बागी नेता द्वारा कथित तौर पर सुरक्षा दिखाने के मामले पर भड़कते हुए राउत ने अपशब्दों का प्रयोग किया और कहा, "ये डरपोक लोग 50-50 सरकारी बॉडीगार्ड लेकर घूमते हैं और हमें बंदूक की भाषा सिखाते हैं? गद्दारी करके 50 करोड़ खाया है तो डकार लेकर बैठो, ज्यादा दादागिरी की तो बंदूकें हमारे पास भी हैं, मैं यहीं खड़ा हूं चला दो गोली।"
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस ने भी महायुति सरकार और भाजपा को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने इस दलबदल को लोकतंत्र की सरेआम हत्या करार देते हुए कहा, "महाराष्ट्र में इस समय जो कुछ भी हो रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। भाजपा और उसके सहयोगी दल केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को डरा-धमका रहे हैं। देश में ऐसा माहौल बनता जा रहा है कि अब तो लोगों को यह डर सताने लगा है कि साल 2029 तक देश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव की प्रक्रिया बचेगी भी या नहीं।" सांसदों के बाद अब उद्धव गुट के विधायकों के भी टूटने की अटकलों पर पटोले ने कहा कि भाजपा का एकमात्र मकसद विपक्ष को पूरी तरह खत्म करना है, जो बेहद निंदनीय है।