

Chhagan Bhujbal Devendra Fadnavis Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर राज्यसभा की खाली सीट और राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर बड़ी हलचल देखी जा रही है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई राज्यसभा सीट के लिए छगन भुजबल को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसी महत्वाकांक्षा से छगन भुजबल हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अब महायुती के बीच का यह निर्णय बिना फडणवीस से बातचीत के कैसा होगा? इसी सिलसिले में छगन भुजबल व पार्टी के अन्य बड़े दिग्गज सीएम से मिलने पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार, इस सीट के लिए पहले भाजपा नेता नवनीत राणा के नाम की चर्चा हुई थी, जिससे एनसीपी के भीतर काफी बेचैनी और असंतोष पैदा हो गया था। इसी तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में शनिवार को एनसीपी के प्रमुख नेताओं सांसद पार्थ पवार, प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और खुद छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस उच्च-स्तरीय बैठक के बाद भुजबल के निवास पर भी चर्चा हुई, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी जल्द ही छगन भुजबल के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
इस शक्ति परिवर्तन की सबसे महत्वपूर्ण शर्त सत्ता का हस्तांतरण है। छगन भुजबल ने यह प्रस्ताव रखा है कि यदि वे केंद्र में जाते हैं, तो राज्य में उनके हिस्से का मंत्री पद और उनकी विधायक की सीट उनके परिवार के ही किसी सदस्य, विशेष रूप से समीर भुजबल को दी जाए। समीर भुजबल के लिए यह एक बड़ी लॉटरी साबित हो सकती है, क्योंकि उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग पर फडणवीस के साथ गंभीर चर्चा हुई है।
अब यह पूरी बातचीत इस बात पर केंद्रित है कि छगन भुजबल अपनी राजनीतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए केंद्र की राजनीति में प्रवेश करें और राज्य में समीर भुजबल के माध्यम से अपनी पकड़ बनाए रखें। अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की प्रतीक्षा है कि क्या एनसीपी इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा करती है और क्या छगन भुजबल के आग्रह के अनुसार समीर भुजबल को वास्तव में कैबिनेट में जगह मिलती है। यह घटनाक्रम आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 और महाराष्ट्र की आंतरिक राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।