

Mumbai Central TTE Ticket Checking Drive: पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए हर टिकट जांच कर्मियों के रोजाना कार्य के टारगेट तय कर दिए हैं। नए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक टिकट जांच कर्मी को प्रतिदिन न्यूनतम संख्या में बिना टिकट यात्रियों के मामले दर्ज करने, निर्धारित राशि का जुर्माना वसूलने और रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
लक्ष्य आधारित प्रदर्शन की समीक्षा इसी के साथ ही उन्हें रोज रिपोर्ट कार्ड भी देना होगा। इसी के साथ लक्ष्य आधारित प्रदर्शन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। मुंबई सेंट्रल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक की ओर से जारी आदेश में मंडल के सभी स्टेशन और स्क्वॉड टिकट जांच कर्मचारियों पर यह लक्ष्य तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए है। आदेश के अनुसार लोकल और एसी लोकल स्क्वॉड को प्रतिदिन कम से कम 25 मामले दर्ज कर 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूलना होगा। सब-फ्री स्क्वॉड के लिए 40 मामले और 25 हजार रुपए, जबकि नॉन-सब-फ्री स्क्वॉड के लिए 45 मामले और 30 हजार रुपए का लक्ष्य तय किया गया है।
इसी तरह उपनगरीय स्टेशनों तथा वापी, वलसाड, उधना और सूरत स्टेशनों के टिकट जांच कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन 20 मामले और 7 हजार रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अन्य गैर-उपनगरीय स्टेशनों के लिए 15 मामले और 5 हजार रुपए, जबकि राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत और प्रीमियम ट्रेनों में कार्यरत टीटीई के लिए 10 मामले और 10 हजार रुपए का लक्ष्य रखा गया है।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि टिकट जांच के साथ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई बढ़ाई जाए। इसमें टिकट का अवैध हस्तांतरण, अनधिकृत फेरीवाले, ट्रेस्पासिंग, मुंबई रेलवे परिसर में गलत पार्किंग, महिला डिब्बे में अवैध प्रवेश, धूम्रपान और गंदगी फैलाने जैसे मामलों में भी न्यूनतम एक-एक मामला दर्ज करने का लक्ष्य दिया गया है।