मध्य रेल ने कबाड़ बेचकर कमाए 202.55 करोड़ रुपये! जानें क्या है जीरो स्क्रैप मिशन

Zero Scrap Mission Central Railway: मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कबाड़ बिक्री से ₹202.55 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व जुटाया। जानिए क्या है जीरो स्क्रैप मिशन और किस मंडल ने की सबसे ज्यादा कमाई।
central railway earns 202 crore from scrap sale zero scrap mission
मध्य रेल जीरो स्क्रैप मिशन (सोर्स: एआई फोटाे)
Updated on

Central Railway Earns 202 Crore From Scrap: मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कबाड़ बिक्री के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है। 5 अगस्त 2026 तक मध्य रेल ने स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से 202.55 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 76.94 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है। साथ ही, मध्य रेल ने सबसे कम समय में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने का कीर्तिमान भी स्थापित किया है।

क्या-क्या बेचा गया?

यह उपलब्धि रेलवे की विभिन्न इकाइयों में पड़े कबाड़ के वैज्ञानिक निपटान से संभव हुई। निपटाई गई प्रमुख सामग्री में शामिल हैं। रेल स्थायी मार्ग कबाड़-17,755 मीट्रिक टन,स्लीपर- 1,21,381 नग , लौह कबाड़ -11,658 मीट्रिक टन, अलौह कबाड़-1,370 मीट्रिक टन, रोलिंग स्टॉक-11 लोकोमोटिव,33 कोच और 33 वैगन।

मंडलवार प्रदर्शन

इस रिकॉर्ड में मध्य रेल के सभी 5 मंडलों और उत्पादन इकाइयों का योगदान रहा। मंडलवार बिक्री इस प्रकार रही। मुंबई मंडल- 36.78 करोड़ रुपये, भुसावल मंडल- 33.19 करोड़ रुपये, पुणे मंडल- 27.22 करोड़ रुपये, नागपुर मंडल- 26.12 करोड़ रुपये और सोलापुर मंडल- 10.85 करोड़ रुपये। अन्य उत्पादन इकाइयां और कार्यशालाओं से 68.39 करोड़ रुपये।

central railway earns 202 crore from scrap sale zero scrap mission
घट जाएगा यात्रा का समय, कम होगी भीड़, पनवेल-कर्जत नए रेल कॉरिडोर का काम प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब

जीरो स्क्रैप मिशन पर जोर

मध्य रेल ने 'जीरो स्क्रैप मिशन' हासिल करने के लिए सभी मंडलों और डिपो में विशेष अभियान चलाए हैं। इसके तहत पुराने कबाड़ की पहचान, पृथक्करण और समयबद्ध निपटान किया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य इन्वेंट्री को साफ रखकर उसे राजस्व में बदलना है। रेल अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि न केवल वित्तीय अनुशासन और परिचालन दक्षता दर्शाती है, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

Navbharat Live
navbharatlive.com