मुंबई: माल ढुलाई से मध्य रेल ने अप्रैल-जून में कमाएं 2143 करोड़, 3 माह में 21.21 मिलियन टन लोडिंग

Central Railway Earned: मध्य रेल ने अप्रैल-जून 2026 में 21.21 मिलियन टन माल ढुलाई कर 2143.84 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। नागपुर डिवीजन 59% लोडिंग के साथ सबसे आगे रहा।
Central Railway Earned Rs 2143 Crore From 21 Million Ton Freight April June
मालगाड़ी ट्रेन (फोटो नवभारत)
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Central Railway Earned Rs 2143 Crore: मध्य रेल ने अप्रैल से जून 2026 की अवधि के दौरान माल ढुलाई में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 2 माह में 8048 रेकों के माध्यम से 21.21 मिलियन टन माल लदान किया है। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 7608 रेकों में 20.40 मिलियन टन माल लदान किया गया था।

इस प्रकार टनेज के आधार पर लगभग 4% की वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही, अप्रैल-जून 2026 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 440 रेक अधिक लोड किए गए। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में माल लदान से मध्य रेल ने कुल 2143.84 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।

नागपुर डिवीजन रहा अव्वल

कुल 21.21 मीट्रिक टन लोडिंग में से, नागपुर डिवीजन का योगदान 12.47 मीट्रिक टन (59%) रहा, इसके बाद मुंबई डिवीजन का योगदान 5.18 मीट्रिक टन (लगभग 24%) रहा। अन्य डिवीजनों के योगदान में सोलापुर डिवीजन का 1.85 मीट्रिक टन (9%), भुसावल डिवीजन का 1.27 मीट्रिक टन (6%) और पुणे डिवीजन का 0.45 मीट्रिक टन (2%) शामिल है।

कुल 2143.84 करोड़ रुपये के राजस्व में, सबसे बड़ा योगदान नागपुर डिवीजन का रहा, जिसका राजस्व 1282.73 करोड़ रुपये (लगभग 60%) था, इसके बाद मुंबई डिवीजन का योगदान 491.34 करोड़ रुपये (23%) रहा।

अन्य प्रभागों से प्राप्त राजस्व भुसावल प्रभाग द्वारा 148.50 करोड़ रुपये (7%), सोलापुर प्रभाग द्वारा 128.89 करोड़ रुपये (6%) और पुणे प्रभाग द्वारा 92.39 करोड़ रुपये (4%) रहा है। माल लदान में मुख्य रूप से कोयला,कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद, सीमेंट, लौह एवं इस्पात, उर्वरक अन्य वस्तुएँ (लौह अयस्क, ऑटोमोबाइल, क्लिंकर, चीनी, प्याज, डी-ऑयल्ड केक, बैलास्ट आदि) रहे।

जून में लोडिंग

जून 2026 में मध्य रेल ने 2659 रेकों में 7.02 मिलियन टन माल लदान किया, जबकि जून 2025 में 2561 रेकों में 6.84 मिलियन टन माल लदान हुआ था। इस प्रकार टनेज में लगभग 3% तथा रेकों की संख्या में 98 की वृद्धि दर्ज की गई। जून 2026 के दौरान माल लदान से 701.33 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया।

नई पहल

मध्य रेल ने 20 जून 2026 को भारत मुंबई कंटेनर टर्मिनल (BMCT), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNपीटी) से गढ़ी हरसरू (GDGH) टर्मिनल, उत्तर रेलवे तक पहली बार डबल स्टैक कंटेनर का सफल लदान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। विभिन्न पहलों के माध्यम से माल परिवहन को सुगम बनाते हुए कोयला, पेट्रोलियम उत्पाद, लौह एवं इस्पात तथा लौह अयस्क का निर्बाध परिवहन, जिससे उद्योगों एवं विद्युत संयंत्रों को निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मध्य रेल का योगदान रहा।

सीमेंट का प्रभावी परिवहन, जिससे निर्माण गतिविधियों को गति, लॉजिस्टिक लागत में कमी तथा निर्माण केंद्रों तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हुई। ऑटोमोबाइल का उत्पादन केंद्रों से वितरण टर्मिनलों तक रेल के माध्यम से एंड-टू-एंड परिवहन, जिससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम हुई, कार्बन उत्सर्जन में कमी आई तथा राजमार्गों पर भीड़ घटाने में मदद मिली।

उर्वरकों का नियमित परिवहन

उर्वरकों का नियमित परिवहन से कृषि क्षेत्र को सतत आपूर्ति सुनिश्चित हुई और खाद्य उत्पादन को समर्थन मिला। खाद्यान्नों का बड़े पैमाने पर परिवहन, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत वितरण, अधिशेष क्षेत्रों से कमी वाले क्षेत्रों तक आपूर्ति तथा सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती व्यवस्था सुनिश्चित हुई।

उच्च क्षमता वाले इन माल परिवहन परिचालनों के माध्यम से मध्य रेल आवश्यक औद्योगिक वस्तुओं की त्वरित, किफायती एवं बड़े पैमाने पर ढुलाई सुनिश्चित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति को निरंतर गति प्रदान कर रही है।

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