CRMS की ‘वर्क टू रूल’ चेतावनी, मध्य रेलवे लोकल सेवाएं फिर संकट में

CSMT Train Accident: सीआरएमएस पदाधिकारियों पर केस के विरोध में “वर्क टू रूल” चेतावनी से मध्य रेलवे लोकल सेवा बाधित होने का खतरा बढ़ा। सीएसएमटी आंदोलन और मुंब्रा हादसे पर विवाद जारी।
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मुंब्रा ट्रेन हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News In Hindi: मध्य रेलवे के उपनगरीय यात्रियों को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर भीड़‌भाड़ के समय आंदोलन कर लगभग एक घंटे तक लोकल सेवाएं बंद करने के कारण सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (सीआरएमएस) के दो पदाधिकारियों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

इसके विरोध में सीआरएमएस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए "नियमानुसार काम" (वर्क टू रूल) करने की चेतावनी दी है, जिससे एक बार फिर लोकल सेवाएं ठप होने की आशंका बढ़ गई है। मुंबा हादसे में दो रेलवे अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है।

सीआरएमएस का कहना है कि वी जे टी आई की रिपोर्ट में कई त्रुटियां हैं और वह वास्तविकता से मेल नहीं खाती। इसी रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मामला रद्द किया जाए, ऐसी उनकी मांग है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में बाहरी संस्थाओं के माध्यम से रेलवे कर्मचारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनका मनोबल गिर रहा है।

मुंबा हादसे में पांच यात्रियों की मौत हुई

सीएसएमटी आंदोलन के पांच यात्रियों की जान गई, रेलवे प्रशासन, मजदूर संघ और पुलिस प्रशासन के विवादों में सामान्य यात्री पिस रहे हैं। पहले से ही जानलेवा भीड़ में सफर करने वाले यात्रियों पर अब फिर से लोकल सेवा बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे यात्रियों में भारी आक्रोश है। - राहुल चौबे, रेलवे यात्री हमें इस मामले की जानकारी अखबारों की रिपोर्ट से मिली है। अब तक जीआरपी की ओर से हमारे किसी भी सदस्य या पदाधिकारी को कोई आधिकारिक सूवना नहीं दी गई है। प्रस्तावित "वर्क टू रूल आंदोलन के समय के बारे में हम प्रशासन को विधिवत नोटिस देने के बाद ही नियमानुसार काम करने का आंदोलन शुरू करेंगे। -एस  के दुबे, सचिव, सीआरएमएस

सीआरएमएस का नियमानुसार काम करने का इशारा

ऐसे में सवाल यह उठत्ता है कि कर्मचारी रेलवे प्रशासन की सुने या बाहरी संस्थाओं की? बिना कारण कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है। हमे अपनी पहचान बनाए रखने के लिए नियमानुसार काम करने पर मजबूर न किया जाए, ऐसा इशारा सीएसएमटी स्थित सीआरएमएस के नोटिस बोर्ड पर लगाया गया है।

मुंब्रा हादसे में अधिकारियों पर दर्ज मामले का विरोध करने के लिए सीआरएमएस ने मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष आंदोलन और ज्ञापन देने की अनुमति मांगी थी। हालांकि सीएसएमटी के मोटरमैन-गार्ड लॉबी में आंदोलन करने की अनुमति रेलवे प्रशासन ने नहीं दी थी, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के बाहर का आंदोलन समाप्त होने के बाद हमारे कार्यकर्ता मोटरमैन-गार्ड लॉबी के सामने एकत्र हुए।

ऐसा स्पष्टीकरण सीआरएमएस अध्यक्ष प्रवीण वाजपेयी ने दिया, सीएसएमटी आआंदोलन को लेकर सीआरएमएस के एस, के, दुबे और विवेक सिसोदिया समेत 30 से 40 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, मामला दर्ज हुए 48 घंटे बीत चुके हैं, परंतु अब तक पुलिस ने किसी को न तो नोटिस भेजी है और न ही कोई गिरफ्तारी की है।

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