Thane Rail Accident के बाद बढ़ा विवाद, सीएसएमटी प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

Thane Railway Accident: सीएसएमटी पर रेलवे कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के मामले में जीआरपी ने दो पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की। प्रदर्शन के दौरान ट्रेनें रुकीं और यात्री घंटों फंसे रहे।
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मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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CSMT Protest News: गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) यूनिट ने सेंट्रल रेलवे मजदूर संगठन के पदाधिकारियों एस के दुबे और विवेक सिसोदिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

बाकी प्रदर्शनकारियों के नाम अज्ञात हैं। प्राथमिकी घटना के 5 दिन बाद दर्ज की गई है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रेलवे पुलिस ने यह कार्रवाई कई गवाहों के बयान दर्ज करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद की हैं।

बता दें कि यह एफआईआर, मध्य रेलवे के दो इंजीनियरों विशाल डोलस और समर यादव पर लापरवाही की वजह से, जून में हुए ठाणे-मुंबा रेल हादसे को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए हुए आंदोलन की वजह से हुई है।

आरोपी इंजीनियरों की बढ़ेंगी मुश्किलें

जीआरपी के सूत्रों की मानें तो, इस प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों इंजीनियरों सहायक मंडल इंजीनियर विशाल डोलस और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि इस प्राथमिकी के विरोध में विभिन्न रेलवे संगठनों ने 6 नवंबर को विरोध मार्च आयोजित किया था। अगर इससे एफआईआर रद्द हो जाती, तो इसका सीधा फायदा इन्हीं दोनों इंजीनियरों को मिलता था।

रेल कर्मचारियों को ऑफिस में बनाया था बंधक

बता दें कि 9 जून, 2025 को मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास ट्रेनों के क्रॉसिंग के दौरान यह घटना हुई थी। इस दुर्घटना में 4 यात्रियों की मौत हो गई और 9 घायल हो गए थे। दर्ज एफआईआर के अनुसार, 6 नवंबर को सीएसएमटी में रेलवे कर्मचारियों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के समाप्त होने के बाद दुबे और सिसोदिया 30-40 अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर, सीएसएमटी लोकल लाइन जनरल हॉल के मोटरमैन लॉबी स्थित डीआरएम कार्यालय में घुसे थे।

उन्होंने मोटर-मैन लॉबी, उप स्टेशन प्रबंधक कार्यालय और स्टेशन प्रबंधक कार्यालय के प्रवेश द्वारों पर बैठकर मुख्य द्वारों पर लोहे की सलाखें लगाकर प्रवेश एवं निकास बंद कर दिया था। वहां उन्होंने गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा की थी।

आंदोलन के दौरान रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने की मांग की गई थी। इस प्रदर्शन के कारण एक घंटे तक ट्रेनें रुकी रहीं और आवागमन बाधित रहा, जिससे यात्री घबरा गए। कई यात्री अन्य ट्रेनें लेने के लिए रुकी हुई ट्रेनों से उतरकर पटरियों पर चले गए और सैंडहर्स्ट रोड पर एक डाउन ट्रेन की चपेट में आ गए।

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