

Maharashtra Drone and Robotics Industry Growth: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ड्रोन, रोबोटिक्स और स्वायत्त वाहनों के निर्माण को गति देने के लिए 'महाराष्ट्र मानव रहित प्रणाली नीति-2026' को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस दूरगामी नीति को मंजूरी दी गई। इस नीति का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान, विकास, उत्पादन और रखरखाव के क्षेत्रों में स्वयंचलित प्रणालियों को मजबूत करना है, जिससे महाराष्ट्र इस आधुनिक तकनीक का अग्रणी केंद्र बन सके।
इस नीति के माध्यम से राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र में लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का भारी निवेश आकर्षित करना है। इसके साथ ही, युवाओं के लिए एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यह नीति आगामी पांच वर्षों या नई नीति आने तक प्रभावी रहेगी।
महाराष्ट्र की नई मानव रहित प्रणाली नीति के तहत ड्रोन, रोबोटिक्स और अन्य स्वायत्त तकनीकों का उपयोग कृषि, सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से फसलों पर कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव अधिक सटीक और कम समय में किया जा सकेगा। वहीं, बुनियादी ढांचे की निगरानी, आपदा प्रबंधन, ड्रोन एम्बुलेंस सेवाएं और गोदामों के स्वचालन जैसे कार्य भी अधिक प्रभावी बनेंगे। सरकार का मानना है कि कठिन, जोखिमपूर्ण और दुर्गम क्षेत्रों में इन प्रणालियों का उपयोग मानव श्रम पर निर्भरता कम करेगा तथा कार्यों की गति, सुरक्षा और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
राज्य में तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां 5,000 रिमोट पायलट तैयार करने पर जोर होगा। विशेष रूप से 'नमो ड्रोन दीदी' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत स्वयं सहायता समूहों की 1,000 से अधिक महिलाओं को प्रमाणित ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बिजली सब्सिडी, जीएसटी रिफंड और स्टैंप ड्यूटी में छूट जैसे वित्तीय लाभ भी देगी।