वर्ना अब तक दौड़ने लगती बुलेट ट्रेन.. देरी का ठीकरा, ठाकरे पर ! हर माह तैयार हो रहा 15 किमी ट्रैक

Bullet Train Progress: पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन की वर्तमान स्थिति पर विशेष रिपोर्ट। महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल ने कैसे रोकी रफ्तार और अब 2027 के लक्ष्य के लिए क्या है तैयारी।
Otherwise, the Bullet Train would have been up and running by now—the blame for the delay falls on Thackeray! 15 kilometers of track are being laid every month
बुलेट ट्रेन ट्रॅक का निर्माण व मंत्री अश्विनी वैष्णव (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Bullet Train Project Delay: पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट गुजरात, दादरा नगर हवेली और महाराष्ट्र में तेजी से आकार ले रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को गुजरात के अहमदाबाद से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम अब फ़ास्ट ट्रैक पर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार हर महीने बुलेट ट्रेन का 15 किमी तक का अत्याधुनिक ट्रैक तैयार किया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि शुरुआत में मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का रेलवे ट्रैक एक महीने में आधा किलोमीटर तैयार होने की उम्मीद थी, लेकिन अब अत्याधुनिक तकनीक ने काम की गति काफी तेज कर दी है।

4-5 साल में तेजी से बढ़ा काम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर अगस्त 2021 को कंस्ट्रक्शन शुरू किया गया था। पिछले 4-5 साल में अच्छी प्रगति हुई। रेल मंत्री ने संकेत किया कि बीच में ढाई साल महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी। उस समय बुलेट ट्रेन का काम बिल्कुल रुक गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा जमीन अधिग्रहण सहित अन्य कार्यों को मंजूरी न दिए जाने से काफी देरी हुई। इसके बाद प्रोजेक्ट का डिज़ाइन चेंज करके सूरत में डिपो बनाना पड़ा। एक तरह से देश की पहली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन के संचालन में होने वाली देरी का ठीकरा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर फोड़ा गया है।

वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी

रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को तैयार करने में दुनिया की सबसे बेहतर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। IIT बॉम्बे में इसका सेंटर फॉर एक्सीलेंस बना है। IIT रूड़की और IIT चेन्नई में इस प्रोजेक्ट की स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग पर रिसर्च किया गया है। इसी तरह बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाने का काम भी स्वदेश में हो रहा है। इस बहुउद्देश्यीय प्रोजेक्ट की टेक्नोलॉजी देश के लिए अत्यंत उपयोगी है। भारतीय इंजीनियरों ने करीब 120 फुट का ब्रिज महज 16 घंटों में तैयार कर लिया। पीएम ने 7000 किमी तक बुलेट ट्रेन का ट्रैक लगाने को मंज़ूरी दी है। अभी 4000 किलोमीटर का हाई-स्पीड ट्रैक तैयार किया जाना है। उसके बाद 3000 किलोमीटर का और ट्रैक बनेगा।

2027 में पहला चरण खोलने की तैयारी

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का गुजरात में पहला चरण शुरू करने की तैयारी है। सूरत से बीलीमोरा के बीच 2027 में बुलेट ट्रेन को दौड़ाने का प्लान है। यदि महाराष्ट्र में देरी न हुई होती तो 2025 तक बुलेट को दौड़ाने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने रखा था। वैसे 2022 में महाराष्ट्र में सरकार बदलने पर बुलेट ट्रेन के काम में काफी तेजी आयी है। मुंबई के बीकेसी में बुलेट ट्रेन के पहले अंडरग्राउंड स्टेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र में सात पर्वतीय सुरंगों पर काम चल रहा है। महाराष्ट्र में 21 किमी लंबी सुरंग एवं स्टेशन के लिए 2029 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रमुख शहरों को जोड़ेगा कॉरिडोर

बुलेट ट्रेन के रूट पर 12 स्टेशन हैं। जिनमें से 8 गुजरात में, 4 स्टेशन महाराष्ट्र में बन रहे हैं। यह रेल कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। 508.17 किमी की दूरी में 384.04 किमी हिस्सा गुजरात में,155.76 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में और 4.3 किमी हिस्सा दादरा नगर हवेली में है।

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