BMC रोजाना साफ करेगी वर्ली कोलीवाड़ा तट, विरासत संरक्षण की बड़ी पहल

BMC वर्ली कोलीवाड़ा समुद्र तट की रोजाना सफाई और रखरखाव शुरू कर रही है। तैरता कचरा हटाने, दुर्गंध नियंत्रण के साथ यह पहल कोली समुदाय की विरासत को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Worli Koliwada
वर्ली कोलीवाड़ा समुद्र तट (सौ. सोशल मीडिया )
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BMC Cleaniness Drive At Coastal Areas: बीएमसी वीं कोलीवाड़ा के 3।5 किलोमीटर लंबे समुद्रतटीय क्षेत्र की रोजाना सफाई और रखरखाव करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य इस क्षेत्र की विरासत को संरक्षित और सशक्त बनाना है।

पिछले एक वर्ष में, बीएमसी ने मुंबई के कोलीवाड़ों के पुनर्जीवन के लिए कई पहलें की हैं। बता दें कि कोलीवाड़ा वह इलाका होता है, जहां मूल कोली समुदाय के लोग रहते हैं, जो मुख्य रूप से मछुआरे हैं। ये कोलीवाड़े मुंबई के तटीय क्षेत्रों में स्थित हैं, जिसमें माहिम, वर्ली और कफ परेड शामिल हैं।

इसी तरह, बीएमसी ने पहले माहिम समुद्र तट पर एक सीफूड प्लाजा भी शुरू किया था। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि वर्ली कोलीवाड़ा समुद्र तट की सफाई की यह पहल इस क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने के लिए की जा रही है।

रखरखाव के लिए ठेकेदार नियुक्त

एक अधिकारी ने कहा कि यह स्थान मुख्य रूप से स्थानीय लोगों द्वारा अपनी मछली पकड़ने वाली नौकाएं पार्क करने के लिए उपयोग किया जाता है। क्योंकि यहां के अधिकांश निवासी मच्छी व्यवसाय पर निर्भर है, इसलिए इस क्षेत्र का रखरखाव आवश्यक है।

इसके लिए एक ठेकेदार नियुक्त किया गया है। बीएमसी इस स्थान के रखरखाव पर हर साल 1।5 करोड़ रुपये खर्च करेगी। ठेकेदार को समुद्र से तैरता हुआ कचरा इकट्ठा कर उसका निपटारा करने और पूरे तट की सफाई की जिम्मेदारी दी गई है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि यहां दुर्गंध नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी ताकि आने वाले लोगों को बदबू का सामना न करना पड़े। अधिकारियों के अनुसार, अगले चरण में इस पूरे समुद्र तट को एक आकर्षक वॉकवे (पैदल पथ) के रूप में विकसित करने की योजना है। एक अधिकारी ने कहा कि इससे पहले, हमने कभी समुद्र तटों के रखरखाव के लिए व्यापक कदम नहीं उठाए थे।

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