मुंबई में डेंगू-मलेरिया से निपटने की नई पहल, 4 हजार कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 20 हजार मजदूरों को ट्रेनिंग

BMC Arogya Mitra Initiative: मानसून से पहले डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए बीएमसी ने नई पहल शुरू की है। 4 हजार कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले करीब 20 हजार मजदूरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
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बीएमसी (फोटो क्रेडिट-X)
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BMC Dengue Malaria Prevention Training: शहर में मानसून के आगमन के साथ ही विभिन्न बीमारियों का संकट मंडराना शुरू हो जाता है। इसमें से प्रमुख डेंगू व मलेरिया है, जो सबसे अधिक व्यक्तियों को अपने चपेट में लेता है।

बीएमसी की स्वास्थ्य डिपार्टमेंट हर वर्ष मानसून से पहले कई बैठकों का आयोजन करती है ताकि इन बीमारियों से बचा जा सके, लेकिन इस वर्ष बीएमसी इन बीमारियों से निपटने के लिए कुछ नया करने वाली है, क्योंकि सबसे अधिक डेंगू व मलेरिया के मामले कंस्ट्रक्शन साइट्स पर देखने को मिलते है, जहां मजदूर वर्ग इसकी चपेट में आते हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने फैसला किया है कि शहर के निजी व सरकारी 4 हजार कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले लगभग 20 हजार मजदूरों को डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी।

ट्रेनिंग के बाद आरोग्य मित्र का टैग

बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त शरद उघड़े ने नवभारत को बताया कि शहर के कंस्ट्रक्शन साइट्स पर मच्छरों से होने वाली बीमारी अधिक पाई जाती है, क्योंकि वहां जल जमाव रहता है, जिससे डेंगू व मलेरिया के मच्छर आसानी से पनपते हैं और वहां काम करने वाले मजदूरों को अपना शिकार बनाते हैं।

ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि अब इन मजदूरों को एक विशेष मजदूरी प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि इन्हें डेंगू, मलेरिया से बचने में मदद मिले। उन्होंने बताया कि शहर के 4 हजार कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले लगभग 20 हजार मजदूरों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस वर्ष हमने फैसला किया है कि शहर के विभिन्न कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले कम से कम 20 हजार मजदूरों को ट्रेनिंग दिया जाएगा, जिससे जागरूकता फैले और उन्हें आरोग्य मित्र कहा जाएगा। इससे डेंगू, मलेरिया को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। शरद उघड़े, स्वास्थ्य विभाग उपायुक्त, बीएमसी

आरोग्य मित्र करेंगे जागरुक

बता दें कि वर्ष 2025 के मानसून के दौरान शहर के निर्माण स्थलों पर मिले मलेरिया के मामलों में दोगुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। बीएमसी के अनुसार, समय से पहले शुरू हुई बारिश और तेज की गई स्क्रीनिंग मुहिम इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं। बीएमसी के ए वार्ड अंतर्गत कोलाबा, फोर्ट और मरीन ड्राइव क्षेत्रों में निर्माण स्थलों से सबसे अधिक मलेरिया के मामले सामने आए है।

बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार फरवरी-मार्च और जून-जुलाई में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान स्क्रीनिंग और संक्रमण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, फरवरी 2025 में निर्माणाधीन स्थलों पर काम करने वाले 50 हजार 90 मजदूरों की जांच की गई, जिनमें 7 पॉजिटिव पाए गए।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए ब्रिजेश पाठक की रिपोर्ट

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