मुंबई में पेड़ गिरने की घटनाओं के बाद BMC का बड़ा कदम, शुरू हुआ विशेष ग्रीष्मकालीन अभियान
BMC Summer Drive News: मुंबई में बढ़ती गर्मी के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ने के बाद BMC ने पहली बार विशेष ग्रीष्मकालीन अभियान शुरू किया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े पेड़ों को पानी दिया जाएगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Summer Drive To Protect Mumbai: खार में पेड़ गिरने की घटना में दो लड़कियों के गंभीर रूप से घायल होने के कुछ दिनों बाद, बीएमसी ने मुंबई के अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बड़े और परिपक्व पेड़ों को पानी देने के लिए पहली बार विशेष ग्रीष्मकालीन अभियान शुरू किया है।
इसका उद्देश्य पेड़ों पर गर्मी के तनाव को कम करना और उन्हें कमजोर होने से बचाना है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस गर्मी में शहरभर में पेड़ों के गिरने की बढ़ती घटनाओं के बाद यह अभियान शुरू किया गया। जांच में पाया गया कि अत्यधिक गर्मी के कारण मिट्टी में नमी की कमी और पेड़ों की शाखाओं के कमजोर होने से ‘ट्री एम्बोलिज्म’ की स्थिति पैदा हो रही है।
खार में ऑटो रिक्शा पर पेड़ गिरने से 2 लड़कियां हो गई थीं घायल
फिलहाल मुंबई लंबे समय से गर्म और उमस भरे मौसम की चपेट में है। आईएमडी ने शुक्रवार तक शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। बढ़ती गर्मी का असर मुंबई के पुराने और बड़े पेड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले दिनों एक पेड़, जिसके चारों और पत्थर लगाए गए थे, चलते ऑटो रिक्शा पर गिर गया, जिससे दो लड़किया गंभीर रूप से घायल हो गई।
सम्बंधित ख़बरें
अजित पवार का अधूरा सपना पूरा करेंगे शरद पवार! 20 मई को बुलाई बैठक, NCP के विलय पर लगेगी मुहर?
मानसून से पहले MMRDA का मेगा अभियान, 1.12 लाख मीटर बैरिकेड हटाए गए
मीरा-भाईंदर से विरार तक मेट्रो-13 को मंजूरी की तैयारी, परियोजना लागत 17,724 करोड़ पहुंची
Mumbai Water Cut: मुंबई में 10% पानी कटौती लागू, मानसून तक गहराएगा जल संकट
आमतौर पर मुंबई में पेड़ और शाखाएं मानसून के दौरान तेज बारिश और हवाओं के कारण गिरती है, लेकिन इस बार गर्मियों में पेड़ों के गिरने की घटनाओं में असामान्य वृद्धि ने बीएमसी को इसके कारणों की जांच करने पर मजबूर कर दिया।
ज्यादा गर्मी से खत्म हो रही मिट्टी की नमी
बीएमसी के उद्यान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “जांच के दौरान हमने पाया कि अत्यधिक गर्मी मिट्टी की नमी को खत्म कर रही है, जिससे पेड़ों की स्थिरता प्रभावित हो रही है। शाखाएं सूख रही है और जड़ों की पकड़ कमजोर हो रही है। इससे बड़े पेड़ों और शाखाओं के गिरने का खतरा बढ़ गया है।
ये भी पढ़ें :- मीरा-भाईंदर से विरार तक मेट्रो-13 को मंजूरी की तैयारी, परियोजना लागत 17,724 करोड़ पहुंची
एक अधिकारी ने समझाया कि “भीषण गर्मी में पेड़ खुद को ठंडा रखने के लिए पत्तियों के छिद्र खोलते हैं, जिससे वाष्पीकरण बढ़ता है। लेकिन जब मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं होती, तो पेड़ अपने अंदर जमा पानी का उपयोग करने लगते है। इससे जाइलम ऊतकों में अत्यधिक खिंचाव पैदा होता है और हवा के बुलबुले बन जाते हैं, जो पानी के प्रवाह को रोकते हैं।
