BMC के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में 523 शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ, 30 से 45 दिनों में होगी तैनाती

BMC School Teacher Recruitment 2026: बीएमसी स्कूलों में 523 नए शिक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी मिल गई है, जिससे लंबे समय से शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
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मुंबई महानगरपालिकासोर्सः सोशल मीडिया
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BMC Primary School Teachers Vacancy: मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई के गिरते स्तर और शिक्षकों की भारी कमी के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। बीएमसी प्रशासन ने 523 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। लंबे समय से अटकी इस बहाली का रास्ता साफ होने के बाद अगले 30 से 45 दिनों के भीतर इन सभी नवनियुक्त शिक्षकों को मुंबई शहर के विभिन्न मनपा स्कूलों में तैनात कर दिया जाएगा।

प्राची जांभेकर ने दी भर्ती की आधिकारिक जानकारी

नवभारत से खास बातचीत में बीएमसी की उपायुक्त प्राची जांभेकर ने बताया कि खाली पड़े पदों पर 523 नए शिक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्कूलों में खाली पड़े पदों के विशाल आंकड़े की तुलना में यह भर्ती बेहद कम है, लेकिन इस कदम से मौजूदा शिक्षकों पर से अतिरिक्त बोझ कम होगा और छात्रों की पढ़ाई में सुधार आएगा। जांभेकर ने भरोसा दिलाया कि बीएमसी आगामी दिनों में शेष बचे खाली पदों को भरने की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।

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प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

बीएमसी स्कूलों में शिक्षकों की यह नई भर्ती भले ही एक शुरुआत हो, लेकिन आंकड़ों के लिहाज से स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रजा फाउंडेशन की वर्ष 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी के प्राथमिक स्कूलों में स्वीकृत 13,420 पदों में से 54 फीसदी (7,190 पद) खाली पड़े हैं और केवल 6,230 पदों पर ही शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें प्रशिक्षित शिक्षकों के 6,520 और विशेष विषयों के 670 पद शामिल हैं। वहीं माध्यमिक स्कूलों में स्वीकृत 1,483 पदों में से 166 पद (11 फीसदी) रिक्त हैं।

एक शिक्षक पर 2 से 3 क्लास का बोझ

अभिभावकों का आरोप है कि बीएमसी एक तरफ स्मार्ट क्लासरूम और स्किल डेवलपमेंट के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि एक-एक शिक्षक को दो से तीन कक्षाओं को संभालना पड़ रहा है। इससे न केवल शिक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा था, बल्कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ रहा था। अभिभावकों की मांग है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए बीएमसी को जल्द से जल्द मेगा-भर्ती कर सभी रिक्त पदों को भरना चाहिए।

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