BMC Property Tax से 7,309 करोड़ की वसूली, प्लॉट कैटेगरी में बड़ा बकाया

BMC Property Tax Collection: मुंबई में बीएमसी ने 2025-26 में संपत्ति कर से 7,309 करोड़ रुपये वसूले। कुल वसूली 73% रही, लेकिन प्लॉट वर्ग में कम कलेक्शन के कारण प्रशासन के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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BMC Property Tax Collection Mumbai: बीएमसी की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले संपत्ति कर से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7,309.77 करोड़ की वसूली हुई है।

कुल 9,820.59 करोड़ की मांग में से लगभग 73 प्रतिशत वसूली की गई है। वसूली दर संतोषजनक मानी जा रही है, लेकिन कुछ वर्गों में कम वसूली के कारण प्रशासन के सामने चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

कुल 11.07 लाख देयकों में शामिल लगभग 39.94 लाख यूनिट्स पर कर लगाया गया था। इसमें आवासीय संपत्तियां सबसे बड़ा वर्ग हैं, जहां 8.61 लाख देयकों के अंतर्गत 22.05 लाख यूनिट्स पर 1,978.12 करोड़ की मांग की गई थी। इनमें से 1,604.49 करोड़ की वसूली हो चुकी है।

Property Tax से सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल

कमर्शियल प्रॉपर्टी वर्ग से सबसे अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। 1.71 लाख देयकों के अंतर्गत 4.60 लाख यूनिट्स पर 3,115.40 करोड़ की मांग की गई थी, जिसमें से 2,892.24 'करोड़ की वसूली हुई। इस वर्ग की उच्च वसूली दर ने मनपा की आय को मजबूत आधार प्रदान किया है।

Property Tax Collection से हुई करोड़ों की वसूली

संपत्ति वर्ग में 40,010 देयकों के अंतर्गत 12.63 लाख यूनिट्स पर 1,617.84 करोड़ की मांग की गई थी, जिसमें से 1,230.57 करोड़ की वसूली हुई है। वहीं औद्योगिक संपत्तियों से 171.19 करोड़ की मांग के मुकाबले 152.98 करोड़ की वसूली दर्ज की गई। दूसरी ओर, भूखंड (प्लॉट) वर्ग में सबसे अधिक अंतर देखने को मिला है।

अनुशासित वसूली जरूरी

  • 2,938.03 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल 1,429.49 करोड़ की वसूली हो सकी है। जिससे इस वर्ग में भारी बकाया सामने आया है। मनपा के कुल राजस्व में संपत्ति कर का बड़ा हिस्सा होने के कारण, इस कर में कमी का सीधा असर नागरिक सेवाओं पर पड़ सकता है। विशेष रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सड़क मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता होती है।
  • अपेक्षित वसूली न होने पर विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। हालांकि कुल वसूली संतोषजनक है, लेकिन विभिन्न वर्गों में असंतुलन और बकाया की समस्या को देखते हुए कर प्रशासन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए संपत्ति कर की नियमित और अनुशासित वसूली अत्यंत जरूरी मानी जा रही है।
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