

Mumbai Water Cut Lakes: मुंबई शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों में पानी का भंडार करीब 96 फीसदी तक पहुंचने के बावजूद मुंबईकरों को फिलहाल 10 फीसदी पानी कटौती से राहत नहीं मिली है। बीएमसी प्रशासन ने सितंबर के अंत तक जलाशयों की स्थिति पर नजर रखने के बाद कटौती वापस लेने पर फैसला करने की बात कही है।
गणेशोत्सव और नवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले नगरसेवकों ने पानी की कटौती हटाने की मांग की है। 9 सितंबर तक सातों जलाशयों में कुल 13.95 लाख मिलियन लीटर पानी जमा था, जबकि इनकी कुल क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है।
इसके बावजूद प्रशासन का कहना है कि मानसून की शेष अवधि और सितंबर में होने वाली बारिश को देखते हुए अभी कटौती वापस लेना उचित नहीं होगा।
एमसी की तरफ से साफ किया गया है कि पूरे सितंबर जलाशयों के जलस्तर की निगरानी की जाएगी और महीने के अंत में स्थिति की समीक्षा होगी। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर में बड़ी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में उन्होंने मुंबईकरों से पानी का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की।
स्थायी समिति की बैठक में विभिन्न दलों के नगरसेवकों ने कम दबाव से पानी मिलने, गंदे पानी की शिकायतों और कई इलाकों में असमान जलापूर्ति का मुद्दा उठाया। पानी की पुरानी पाइपलाइनों, रिसाव और उपचारित पानी की बर्बादी पर भी चिंता जताई गई।
मुंबई बीएमसी प्रशासन के अनुसार, मुंबई की करीब 6,500 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन का मानचित्र तैयार करने का काम जारी है। इससे पाइपलाइन बदलने की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
इस बीच, नागरिकों के लिए बीएमसी के तैराकी तालाबों में पानी की आपूर्ति फिर शुरू किए जाने पर भी सवाल उठे। भाजपा नगरसेवकों ने कहा कि त्योहारों से पहले प्राथमिकता घरों और जरूरी सेवाओं के लिए पूरी जलापूर्ति बहाल करने को दी जानी चाहिए।
शिवसेना की श्रद्धा जाधव ने पानी कटौती वापस लेने की समयसीमा पूछी, जबकि मनसे के यशवंत किल्लेदार ने पुरानी पाइपलाइनों और जलापूर्ति की समस्या पर चिंता जताई।
पानी की 10 फीसदी कटौती के लागू रहने पर बीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सभी जलाशयों में पानी पूरी क्षमता तक नहीं भरा जाता है तब तक पानी की कटौती को हटाया नहीं जाएगा।
मुंबई शहर में गणेशोत्सव के मद्देनजर पानी की कटौती जनता की सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। त्योहारों के शुरू होने से पहले नगरसेवकों का प्रयास है कि मुंबई में पूर्ण जलापूर्ति को बहाल किया जाए। लेकिन बीएमसी अधिकारियों की बातों से लगता है कि जलाशयों में भरपूर पानी होने के बावजूद मुंबईकरों की प्यास अभी बुझाने वाली नहीं है।