कहीं कोई खान न बन जाए मुंबई का मेयर, BJP नेता अमित साटम का विवादित बयान, जानें और क्या कहा?

Mumbai Mayor News: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका को 31 जनवरी, 2026 से पहले नया मेयर मिल जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अगले चार महीने में आयोग को चुनाव कराने होंगे।
Ameet Bhaskar Satam
अमित साटम (Credit: X/@AmeetSatam )
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Mumbai News: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में सबसे ज्यादा महत्व मुंबई के दंगल को दिया जा रहा है। ऐसे में जब सुप्रीम कोर्ट ने लोकल बॉडी चुनाव कराने की अंतिम तारीख 31 जनवरी, 2026 निर्धारित की है, तब मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिस पर राजनीति गरमा सकती है।

साटम ने चेतावनी दी है कि किसी खान को मेयर न बनने दिया जाए। अमित साटम ने बीजेपी की विजय संकल्प रैली में यह विवादित टिप्पणी की। इस रैली में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। बीजेपी के नवनियुक्त मुंबई अध्यक्ष ने मुस्लिम समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि आगामी नगर निगम चुनाव शहर की सुरक्षा के लिए हैं। किसी खान को मुंबई का मेयर नहीं बनना चाहिए, जिससे विवाद पैदा हो गया है। अमित साटम अंधेरी वेस्ट से विधायक भी हैं।

अन्य देशों का किया जिक्र

साटम ने अन्य देशों का उदाहरण दिया साटम को हाल ही में पार्टी ने आशीष शेलार की जगह मुंबई बीजेपी का नेतृत्व सौंपा है। साटम पहले बीजेपी के दिग्गज नेता गोपीनाथ मुंडे के निजी सहायक थे। साटम बीएमसी के पार्षद भी रह चुके हैं। जब साटम ने बीजेपी की विजय संकल्प रैली में यह टिप्पणी की तो कार्यक्रम में कई बीजेपी नेता मौजूद थे। साटम ने चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि यह लड़ाई मुंबई को सुरक्षित रखने की है। अंतरराष्ट्रीय देशों में घुसपैठ हो रही है और उनके रंग बदल रहे हैं। कुछ शहरों के मेयरों के नाम देखिए। क्या हम मुंबई में भी यही स्थिति चाहते हैं? साटम की टिप्पणी लंदन के मेयर सादिक खान की ओर संकेत कर रही है, जिनकी जड़ें पाकिस्तान में हैं।

हारून खान पर बोला हमला

उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना साटम ने कहा कि यह पैटर्न वर्सोवा-मालवणी शैली हर जगह फैल सकता है। मुंबईकरों के दरवाजे पर एक बांग्लादेशी हो सकता है। कल हर वार्ड में एक हारून खान चुना जा सकता है, और कोई खान मुंबई का मेयर बन सकता है। ऐसा न होने दें। हारून खान उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के विधायक हैं। वह मुंबई की वर्सोवा सीट से जीते हैं और लंबे समय से उद्धव ठाकरे के साथ हैं।

मुंबई के वर्सोवा और मालवणी में मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी है। साटम के बयान को वोटों के ध्रुवीकरण से जोड़ा जा रहा है। साटम ने कहा कि यह जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है कि महायुति का मेयर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का नेतृत्व संभाले। बीएमसी में मेयर पद लंबे समय से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के पास रहा है। मुंबई की आखिरी मेयर किशोरी पेडनेकर थीं। अब तक मुंबई को कुल 76 मेयर मिल चुके हैं।

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