Mumbai में वायु गुणवत्ता निगरानी बढ़ेगी, बीएमसी लगाएगी 5 नए सीएएक्यूएमएस स्टेशन

Mumbai में वायु गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने के लिए बीएमसी 5 नए सीएएक्यूएमएस स्टेशन लगाएगी। दादर, मुलुंड और दहिसर जैसे बड़े क्षेत्रों में पहली बार एयर मॉनिटरिंग शुरू होगी।
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मुंबई का एक्यूआई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News In Hindi: बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बीएमसी 5 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसकी लागत करीब 22 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

ये पांच स्टेशन मुलुंड (पूर्व), दादर (पश्चिम), गोरेगांव (पूर्व), दहिसर (पूर्व) और खार (पश्चिम) में लगाए जाएंगे। बीएमसी के मुताबिक ये पांच वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन वर्तमान में सफर और एमपीसीबी के 28 स्टेशनों में जुड़कर वायु गुणवत्ता की निगरानी को और बेहतर बनाएंगे तथा शहर के प्रदूषण हॉट स्पॉट्स पर करीबी नजर रखने में मदद करेंगे। फिलहाल शहर में 14 सीएएक्यूएमएस स्टेशन हैं, जिसमें सफर के 9 और बीएमसी के 5 हैं।

40 होनी चाहिए मॉनिटरिंग की संख्या

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि "सीपीसीबी मानकों के अनुसार शहर में लगभग 40 स्टेशन होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 28 है। इन पांच नए स्टेशनों के साथ संख्या बढ़कर 33 हो जाएगी। जिन क्षेत्रों को चुना गया है।

यहां अभी कोई स्टेशन नहीं है, उदाहरण के लिए, दादर, मुलुंड और दहिसर जैसे बड़े क्षेत्रों में पहले कोई स्टेशन नहीं था। यह मॉनिटरिंग सिस्टम एक निरतर वायु गुणवत्ता आकलन प्रणाली है, जिसमे हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को फिल्टर पेपर पर एकत्र कर उनका वजन मापा जाता है, सीएएक्यूएमएस स्टेशन कम लागत वाले सैसर-आधारित मॉनिटर्स की तुलना में अधिक सटीक आंकड़े देते हैं, इसलिए दोनों प्रकार के मॉनिटर्स जरूरी है।

नए डस्ट सैंपलिंग यूनिट लगाए जाएंगे

  • बीएमसी का पर्यावरण विभाग नए डस्ट सैंपलिंग यूनिट्स लगाने की प्रक्रिया में भी है, जो पीएम 10, पीएम 2।5, एसओ 2, एनओ 2 और एनएचउ जैसे प्रदूषकों के मैन्युअल संग्रह के बाद उनके स्तर का विश्लेषण करेंगे।
  • वर्तमान डस्ट सैंपलर पुराने हो चुके थे और नमूना संग्रह के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ समय से निष्क्रय थे।
  • शहर के पांच स्थानों पर मैन्युअल संग्रह से विभाग को सीएएक्यूएमएस स्टेशनों के आंकड़ों से तुलना करने में मदद मिलेगी।
  • एक अधिकारी ने बताया, सीपीसीबी दिशानिर्देश मैन्युअल वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों को अनिवार्य करते हैं। एमपीसीबी के मैन्युअल स्टेशन बंद हो चुके हैं, इसलिए हमें इन्हें चालू रखना होगा।
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