

मुंबई: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति का लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस वजह से महायुति के घटक दलों के कई विधायक डरे हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि विधानसभा से पहले खासकर बीजेपी के दर्जन भर विधायक राष्टवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार के साथ जा सकते हैं। इनमें एक नाम बीजेपी के पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल का भी शामिल है। इन्हीं अटकलों के बीच पाटिल की मंगलवार को शरद पवार से मुलाकात हुई। जिसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि पाटिल कमल छोड़कर तुतारी थामेंगे।
पुणे के मंजरी स्थित वसंतदादा शुगर इंस्टिट्यूट की मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में शरद पवार के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री विजयसिंह मोहिते पाटिल, बीजेपी नेता हर्षवर्धन पाटिल, माढ़ा के विधायक बबन शिंदे, राजेश टोपे, नगर के विवेक कोल्हे और अन्य नेता मौजूद थे। इस बैठक के बाद पवार और हर्षवर्धन के बीच बंद कमरे में करीब ढाई घंटे चर्चा हुई। पुणे की इस सियासी घटना और शरद पवार के खेले से महायुति में टेंशन बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं।
बीजेपी नेता हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि शरद पवार के साथ ढाई घंटे रहा लेकिन इस दौरान सिर्फ वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के मुद्दों पर चर्चा हुई। अन्य किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। वैसे कार्यकर्ता चाहते हैं कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूं। हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान जो चर्चा हुई और वादा किए गए, उस पर अभी तक चर्चा नहीं हुई है। लेकिन लोकसभा चुनाव के समय अजित पवार ने मुझसे कहा था कि इंदापुर विधानसभा के लिए देवेंद्र फडणवीस जो निर्णय लेंगे, उसे मैं स्वीकार करूंगा। इसी तरह फडणवीस ने भी मुझसे कहा था कि वह योग्य निर्णय लेंगे, इसलिए मैं फैसले का इंतजार कर रहा हूं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री व बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चुनाव के मद्देनजर कुछ लोग यहां से वहां और वहां से यहां आते-जाते रहते हैं। लेकिन हमें विश्वास है कि हर्षवर्धन पाटिल हमारे साथ रहेंगे।