छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर MVA ने किया प्रदर्शन, नाना पटोले बाेले- गद्दी छोड़े सरकार

छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई, जिसकी वजह से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। हालांकि इस मामले में सरकार तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है।
छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर MVA ने किया प्रदर्शन, नाना पटोले बाेले- गद्दी छोड़े सरकार
कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
Published on
Updated on

मुंबई: नौसेना दिवस के अवसर पर सिंधुदुर्ग जिले में लगाई गई छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई, जिसकी वजह से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। हालांकि इस मामले में सरकार तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। मंगलवार को कांग्रेस की ओर से राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भड़कते हुए महायुति सरकार से गद्दी छोड़ने की मांग की। साथ ही कहा कि लापरवाही बरतने के लिए राज्य व केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

नाना पटोले ने कहा कि मात्र आठ महीने छत्रपति महाराज की प्रतिमा का गिर जाना महाराष्ट्र का अपमान करने वाली घटना है। लेकिन राज्य सरकार के मंत्री अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए केंद्र सरकार पर उंगली उठा रहे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के देवता हैं और हमारे देवता का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मालवण तहसील अंतर्गत तारकरली बीच क्षेत्र स्थित राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की पूर्णाकृती का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2023 को अनावरण किया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौके पर मौजूद थे।

कांग्रेस का सरकार पर हमला

विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने घटना की विस्तृत जांच की मांग करते हुए कहा कि महज 8 महीने में छत्रपति की प्रतिमा की यह हालत है। इस घटना की जांच होनी चाहिए। कम से कम छत्रपति शिवाजी महाराज को तो कमीशन से बख्शा जाना चाहिए था। यह साबित हो गया है कि यह सरकार छत्रपति के मूल्यों पर आधारित नहीं है। आज महाराष्ट्र की जनता देख सकती है कि हम क्यों कह रहे हैं कि राज्य में महायुति सरकार 'महाविनाश' की सरकार है।

पूर्व मुख्यमंत्री विधायक पृथ्वीराज चव्हाण ने कराड शहर के दत्त चौक पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और निर्माण मंत्री रवींद्र चव्हाण को इस्तीफा देना चाहिए। चव्हाण ने केंद्र सरकार पर लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के उद्घाटन कार्यक्रम को राजनीतिक रूप दिया। मूर्ति का काम घटिया क्वालिटी का था और इसी वजह से यह ढह गई।

शिवसेना भी हुई हमलावर

शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो हमारे और पूरे महाराष्ट्र के आदर्श हैं। मालवण में छत्रपति शिवाजी का स्मारक, जो चुनावों को ध्यान में रखते हुए जल्दबाजी में बनाया गया था। इसका कारण सरकार का ठेकेदार शासन तो है ही, उससे भी ज्यादा खतरनाक है भाजपा की मानसिकता का। इरादा केवल महाराजा की छवि का उपयोग करना था, इसलिए स्मारक की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया।

संभाजी राजे भी भड़के

छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज व कोल्हापुर के छत्रपति युवराज संभाजीराजे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के लिए जल्दबाजी में बनाई गई प्रतिमा ढह गई। हमने उसी समय एक पत्र लिखा था और प्रधानमंत्री से इस प्रतिमा को बदलने की मांग की थी। क्यों कि यह प्रतिमा मूल रूप से आकारहीन और मूर्तिकला के अनुरूप नहीं थी। इसे जल्दबाजी में बनाया गया था।

राजनीति न करें

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री व बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का गिरना एक दुखद घटना है। इस पर किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए। मूर्ति बनाते समय मूर्तिकार राजकोट किले की हवाओं के प्रभाव का आंकलन नहीं कर पाया होगा। अब हम नौसेना की मदद से उसी स्थान पर नई प्रतिमा लगाएंगे। लेकिन इस हादसे के बाद खंडित प्रतिमा की कुछ तस्वीरें वायरल हुईं। छत्रपति शिवाजी महाराज का असली मावला (सैनिक) ऐसी फोटो को वायरल नहीं करेगा। अफजल खान जैसी प्रवृत्तियां जितनी भी सामने आएंगी, हम लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें खत्म कर देंगे।

नेवी ने दिया गंभीर जांच का आश्वासन

नौसेना ने राज्य सरकार और संबंधित विशेषज्ञों के साथ, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण की तत्काल जांच करने और जल्द से जल्द प्रतिमा की मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए कदम उठाने की खातिर एक टीम तैनात की है।

अब 100 फुट की मूर्ति की मांग

महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि यह दुखद है, लेकिन इसकी जगह 100 फुट ऊंची प्रतिमा बनाई जानी चाहिए। मैं सीएम और डिप्टी सीएम से भी बात करूंगा और हमारे पास इसे बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com