

BJP Candidate List: महाराष्ट्र Vidhan Parishad Election की 11 सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों के पत्तों के साथ एक दिलचस्प रणनीति पेश की है। पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची को देखें तो यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए इंपोर्टेड यानी दूसरे दलों से आए कद्दावर नेताओं और अपने पुराने वफादार कार्यकर्ताओं के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश की है।
भाजपा की इस सूची में कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में या कुछ समय पहले ही विपक्षी खेमे को छोड़कर कमल थामा है। इसमें सबसे चर्चित नाम प्राजक्त तनपुरे का है, जो शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख नेता थे और राहुरी से विधायक भी रहे। उन्होंने महज मई 2026 में ही भाजपा में प्रवेश किया और पार्टी ने उन्हें तुरंत विधान परिषद की उम्मीदवारी दे दी। इसी कड़ी में बसवराज पाटील का नाम भी प्रमुख है। पाटील कांग्रेस के पुराने सिपाही रहे हैं और 1999-2004 के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। वहीं, अमर राजूरकर भी करीब 12 वर्षों तक कांग्रेस के टिकट पर स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। इनके अलावा, सोलापूर से राजेंद्र राऊत एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं, जो बार्शी से दो बार निर्दलीय (Independent) विधायक रह चुके हैं और अब भाजपा के उम्मीदवार के रूप में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
हालाँकि सूची में बाहर से आए नेताओं का प्रभाव दिख रहा है, लेकिन भाजपा ने अपने मूल संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े चेहरों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है।
इसके अलावा, सातारा जिलाध्यक्ष धैर्यशील कदम, जलगाव से नंदकिशोर महाजन और छत्रपति संभाजीनगर से सुहास शिरसाट जैसे संगठन के जमीनी नेताओं को भी पार्टी ने मौका दिया है।
| उम्मीदवार | पृष्ठभूमि (पिछली पार्टी/संगठन) | क्षेत्र |
| प्राजक्त तनपुरे | NCP (SP) से भाजपा में आए | अहिल्यानगर |
| बसवराज पाटील | पूर्व कांग्रेस मंत्री | लातूर-बीड-धाराशिव |
| अमर राजूरकर | अशोक चव्हाण के करीबी (पूर्व कांग्रेस) | नांदेड |
| राजेंद्र राऊत | निर्दलीय विधायक (शिवसेना समर्थक) | सोलापूर |
| अरुण लखाणी | भाजपा उप-कोषाध्यक्ष (RSS पृष्ठभूमि) | नागपूर |
| प्रवीण पोटे पाटील | मौजूदा मंत्री (भाजपा वफादार) | अमरावती |
भाजपा की यह सूची यह साफ संकेत देती है कि पार्टी आगामी चुनावों के लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। एक तरफ जहाँ अनुभवी विपक्षी नेताओं को अपने साथ लेकर जनाधार बढ़ाने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ पुराने कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत कर संगठन के भीतर असंतोष को थामने का प्रयास भी किया गया है।