विधानभवन में भिड़े भास्कर जाधव और सचिन कल्याण शेट्टी, शादी के कार्ड पर गरमाया माहौल, देखें Video

Maharashtra Vidhan Bhavan में शादी का कार्ड बांटने को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के भास्कर जाधव और भाजपा के सचिन कल्याण शेट्टी के बीच तीखी बहस हो गई। जुबानी जंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
Bhaskar Jadhav and Sachin Kalyan Shetty
भास्कर जाधव और सचिन कल्याण शेट्टी (सौ. सोशल मीडिया )
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Bhaskar Jadhav Sachin Shetty Clash: महाराष्ट्र विधान मंडल के चल रहे बजट सत्र के दौरान बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब शिवसेना (यूबीटी) विधायक भास्कर जाधव और भाजपा विधायक सचिन कल्याण शेट्टी विधान परिसर में भिड़ गए।

दोनों के बीच जुबानी जंग इतनी बढ़ गई कि बाप तक झगड़ा पहुंच गया। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहां मौजूद नेताओं ने किसी तरह दोनों नेताओं को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।

तकरार का क्या है मामला?

दरअसल बीजेपी विधायक राहुल आवाडे की बेटी सानिका और राजेंद्र पाटिल यड्रावकर के बेटे अजय की शादी 15 मार्च को होने वाली है। आसानी हो इसलिए विधायक के पर्सनल असिस्टेंट शादी का कार्ड विधान भवन में एक जगह पर बांट रहे थे। आरोप है कि विधानभवन परिसर में कार्ड बांटने को लेकर जाधव ने तंज कसा। इससे कल्याण शेट्टी नाराज हो गए और दोनों में जुबानी जंग छिड़ गई।

जाधव को किसने दिया अधिकार

कल्याण शेट्टी ने कहा कि यदि जाधव को कार्ड बांटने पर कोई एतराज़ था तो उन्हें शिकायत करनी चाहिए थी। सरकार के पिता तक पहुंचने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जाधव कर्मचारियों को गुस्सा दिला रहे थे। मैंने उन्हें गाली-गलौज करते सुना। शायद उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिल रहा, इसलिए वे नाराज हैं।

आप जैसे को शोभा नहीं देता

सचिन कल्याण शेट्टी ने कहा कि जब भास्कर बाप की बात करने लगे, तो मैंने कहा कि आप जैसे सीनियर, अनुभवी सदस्य को बाहर आकर ऐसी बातें करना शोभा नहीं देता है।

हुई तीखी नोकझोंक

भास्कर जाधव: मुझे परसों राज्यपाल का भाषण यहाँ नहीं मिला? सचिन कल्याण शेट्टी: क्या आपको किसी के बाप के बारे में बात करने अधिकार है? भास्कर जाधव: हाँ सचिन कल्याणशेट्टी: आप सीनियर सदस्य है, आप किसी के बाप के बारे में क्यों बात कर रहे हैं। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए। भास्कर जाधव: मैं ऐसा करूंगा, तुम्हें जो करना है करो। सचिन कल्याणशेट्टी: तो फिर मैं भी आपके पिता की बात कर सकता हूँ, भास्कर जाधव: अगर तुम्हें ऐसा करना है तो करो। सचिन कल्याण शेट्टी: सभ्यता का का पालन करना चाहिए भास्कर जाधव: मैंने कुछ गलत नहीं किया, मुझे तुमसे कुछ सीखने की जरूरत नहीं है सचिन कल्याण शेट्टी: अगर आप को उन पर एतराज है तो फिर ठीक है। लेकिन पार्टी का नाम नहीं घसीटना चाहिए। भास्कर जाधव: एक सरकारी कर्मचारी शादी का कार्ड कैसे बांट सकता है? सचिन कल्याण शेट्टी: वह ठीक है, लेकिन किसी के पिता का नाम नहीं लेना चाहिए।

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