

Bharat Taxi Launch Mumbai CM Devendra Fadnavis: मुंबई और नवी मुंबई के परिवहन इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित एक भव्य समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारत टैक्सी सेवा का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह केवल एक टैक्सी ऐप की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह सहकारिता के क्षेत्र में एक ऐसी 'क्रांति' है जो ओला और उबर जैसे बड़े एग्रीगेटर्स के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए तैयार है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से महाराष्ट्र में सहकारिता के जरिए रोजगार और रोजगार के माध्यम से समृद्धि का एक नया मार्ग खुला है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अब तक एग्रीगेटर मॉडल में ड्राइवर केवल एक कर्मचारी बनकर रह गया था, लेकिन भारत टैक्सी के मॉडल में ड्राइवर ही मालिक और शेयरधारक है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खुद अक्षय केणी, सूरज नाईक और सिद्धार्थ कर्वे जैसे कई ड्राइवरों को किट और शेयर प्रमाणपत्र वितरित किए।
सीएम फडणवीस ने निजी कैब कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग नीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अक्सर बारिश या त्योहारों के समय ये कंपनियां किराया कई गुना बढ़ा देती हैं, जिसका फायदा ड्राइवर को नहीं बल्कि केवल कंपनी को मिलता है। भारत टैक्सी में ऐसी कोई हिडन कॉस्ट नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष खुशी जताई कि इस सेवा से स्थानीय भूमिपुत्रों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है और यहाँ आने वाले यात्रियों को सुरक्षित, सुखद और पारदर्शी परिवहन सेवा देना हमारी प्राथमिकता है।
देवेंद्र फडणवीस ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि मुंबई आज दुनिया के उन टॉप 20 शहरों में शामिल है जहाँ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुलभ और सुरक्षित है। 'भारत टैक्सी' इस रैंकिंग को और बेहतर बनाएगी। सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल लॉन्च के लिए 25 लाख रुपये के प्रशासनिक व्यय को मंजूरी दी है, जो इस परियोजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
यह सेवा पहले चरण में मुंबई और पुणे में शुरू की जा रही है, जिसे बाद में पूरे महाराष्ट्र में विस्तारित किया जाएगा। इस पारदर्शी व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और यात्रियों का पैसा सीधे उन ड्राइवरों के पास जाएगा जो दिन-रात सड़कों पर मेहनत करते हैं।