

बेस्ट के 22,654 कर्मचारियों को ₹33 हजार दिवाली बोनस मिलेगा।
करीब ₹75 करोड़ की बोनस राशि 3 नवंबर को बैंक खातों में जमा होगी।
बोनस की घोषणा को लेकर बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच श्रेय लेने की राजनीति शुरू हो गई है।
BEST Undertaking Diwali Bonus Trishna: दिवाली से पहले बेस्ट के 22,654 कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक सौगात मिली है। बेस्ट प्रशासन ने प्रत्येक कर्मचारी को 33 हजार रुपये दिवाली बोनस देने की घोषणा की है।
बोनस की कुल राशि करीब 75 करोड़ रुपये होगी, जिसे 3 नवंबर को सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। पिछले साल कर्मचारियों को 31 हजार रुपये बोनस मिला था। इस बार इसमें दो हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने शुक्रवार को बोनस की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में कर्मचारियों को दिवाली का यह आर्थिक लाभ देने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य त्योहार से पहले कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना और उन्हें परिवार के साथ दिवाली मनाने का अवसर देना है।
इस फैसले से बेस्ट के सभी 22,654 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। प्रत्येक कर्मचारी के खाते में 33 हजार रुपये जमा किए जाएंगे। इस तरह बोनस पर करीब 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राशि कर्मचारियों को त्योहार की खरीदारी, घरेलू खर्च और अन्य जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।
बेस्ट मुंबई की सार्वजनिक बस परिवहन सेवा का संचालन करती है। इसके अलावा शहर के कुछ हिस्सों में बिजली वितरण की जिम्मेदारी भी इसी उपक्रम के पास है।
बसों के संचालन से लेकर यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तक हजारों कर्मचारी रोजाना अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में दिवाली बोनस की घोषणा को उनके योगदान के सम्मान और आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
बेस्ट कर्मचारियों के दिवाली बोनस को लेकर महायुति के घटक दल भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच श्रेय लेने की होड़ भी शुरू हो गई है। भाजपा नेता प्रसाद लाड ने बेस्ट महाप्रबंधक सोनिया सेठी से मुलाकात के बाद कर्मचारियों को 31 हजार रुपये बोनस देने की घोषणा कर दी थी।
इस घोषणा पर बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने नाराजगी जताई। इसके बाद प्रशासन की ओर से 33 हजार रुपये बोनस की आधिकारिक घोषणा की गई। अब बोनस की राशि के साथ-साथ इसके श्रेय को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।