

बेस्ट के 33 वर्षों में बिजली चोरी के 30,932 मामले सामने आए।
कुल ₹261.72 करोड़ में से ₹220.05 करोड़ की वसूली हुई।
अब भी ₹41.66 करोड़ बकाया है।
बेस्ट ने 84.08% वसूली का दावा किया।
दो साल के आंकड़ों से 22% वसूली बताना भ्रामक बताया।
BEST Undertaking Power Theft Recovery: बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की कार्रवाई में पिछले 33 वर्षों के दौरान 30,932 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कुल 261.72 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई थी।
BEST प्रशासन के अनुसार, इसमें से अब तक 220.05 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं। यह कुल निर्धारित राशि का 84.08 प्रतिशत है। वहीं, 41.66 करोड़ रुपये यानी 15.92 प्रतिशत राशि अब भी बकाया है।
BEST प्रशासन ने हाल में प्रकाशित कुछ खबरों में बिजली चोरी के मामलों में केवल 22 प्रतिशत वसूली होने के दावे को भ्रामक बताया है। प्रशासन का कहना है कि यह दावा सीमित अवधि के आंकड़ों पर आधारित है और इससे पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
BEST के मुताबिक, कुछ खबरों में 54.25 करोड़ रुपये की निर्धारित राशि के मुकाबले 12.02 करोड़ रुपये की वसूली को आधार बनाकर वसूली दर केवल 22 प्रतिशत बताई गई। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि केवल हाल के दो वर्षों के अधूरे आंकड़ों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। इसके लिए लंबी अवधि के समेकित आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।
BEST ने 1993 से अगस्त 2026 तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कुल 261.72 करोड़ रुपये की निर्धारित राशि में से 220.05 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। इस तरह कुल राशि का 84 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वसूल किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, यही आंकड़े मुंबई शहर बिजली चोरी और अनधिकृत इस्तेमाल के मामलों में अब तक की वसूली की वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं।
समेकित आंकड़ों के अनुसार, कुल निर्धारित राशि में से 41.66 करोड़ रुपये की वसूली अभी बाकी है। बिजली चोरी और अनधिकृत इस्तेमाल पर कार्रवाई के साथ-साथ बकाया राशि की वसूली भी मुंबई बेस्ट के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वसूली की स्थिति का आकलन करते समय अलग-अलग अवधियों के आंकड़ों के बजाय पूरे समय के आंकड़ों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।