मुंबई में बार-बार बिजली गुल होने पर BEST का बड़ा फैसला, 690 कर्मचारियों की होगी भर्ती

BEST 20 Crore Plan To Tackle Power Cuts: दक्षिण मुंबई में लगातार बिजली कटौती से बढ़ती नाराजगी के बीच BEST ने 20 करोड़ रुपये की आपात कार्ययोजना को मंजूरी दी है।
BEST 20 Crore Plan To Tackle Power Cuts
साउथ मुंबई पावर कट सॉल्यूशन (सौ. सोशल मीडिया )
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BEST 20 Crore Plan To Tackle Power Cuts News: दक्षिण मुंबई में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बीच बृहन्मुंबई इलेट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम ने 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और फॉल्ट मरम्मत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ रुपये की कार्य योजना को मंजूरी दी है।

यह निर्णय पिछले दो सप्ताह के दौरान हुई कई बिजली बाधाओं के बाद लिया गया है, जिनसे गिरगांव, भुलेश्वर, ओपेरा हाउस, ठाकुरद्वार, कालबादेवी, दादर और वडाला जैसे क्षेत्रों के हजारों घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्रभावित होना पड़ा। हाल ही में गिरगांव में केबल फॉल्ट के कारण 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ताकि केबल फॉल्ट की पहचान तेजी से किया जा सके आपातकालीन कार्ययोजना के तहत बेस्ट लगभग 690 फील्ड कर्मचारियों की भर्ती करेगा, ताकि केबल फॉल्ट की पहचान और मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा सके। इसके अलावा, बेस्ट के ट्रैफिक विभाग से 127 मोटर वाहन चालकों और 100 मैकेनिकों को अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायतों के निवारण में लगाया जाएगा।

बड़े स्तर की खराबियों के दौरान बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के लिए 350 डीजल जनरेटर सेट और एरियल लिफ्ट भी प्रशिक्षित कर्मचारियों सहित किराए पर लिए जाएंगे। प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत बनाने के लिए ताड़देव में एक अतिरिक्त फॉल्ट कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा।

ताडदेव में बनेगा अतिरिक्त फॉल्ट सेंटर

  • साथ ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण केबल फॉल्ट की मरम्मत युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए है, ताकि बिजली बाधित होने की घटनाओं को कम किया जा सके और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
  • हालिया बिजली कटौतियों ने मुंबई की पुरानी भूमिगत बिजली संरचना से जुड़ी चुनौतियों को भी उजागर किया है। अधिकारियों के अनुसार दक्षिण मुंबई की कई संवेदनशील केबले मरीन लाइंस और ग्रांट रोड के बीच उपनगरीय रेलवे कॉरिडोर के नीचे लगभग 15 फीट गहराई में बिछी हुई है।
  • मरम्मत कार्य जटिल और समय लेने वाला हो जाता है, क्योंकि इसके लिए रेलवे की अनुमति, सड़क खुदाई की मंजूरी और व्यापक उत्खनन की आवश्यकता पड़ती है।

बिजली की मांग 4,600 मेगावाट के पार पहुंची

  • बता दें कि मुंबई में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग 4,600 मेगावाट के पार पहुंच गई है।
  • ऐसे में दक्षिण मुंबई से लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच बेस्ट को उम्मीद है कि 20 करोड़ रुपये की यह योजना उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करने और भविष्य में बड़े पैमाने पर होने वाली बिजली बाधाओं को रोकने में मददगार साबित होगी।
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