

Bachchu Kadu MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नामांकन की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और कद्दावर नेता बच्चू कडू ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का ऐलान कर दिया है।
बच्चू कडू ने कहा उनके प्रयासों से ही राज्य में अलग दिव्यांग मंत्रालय का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि मंत्रालय तो बन गया, लेकिन उसे जितनी मजबूती मिलनी चाहिए थी, वह अभी तक नहीं मिल पाई है। अब मैं शिवसेना की ताकत बढ़ाऊंगा ताकि दिव्यांगों की ताकत बढ़ सके।
बच्चू कडू भले ही इसे दिव्यांगों के भलाई से जोड़ रहे हैं। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ ओर ही कह रही है। बच्चू कडू ने कल देर रात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि शिवसेना की ओर से बच्चू कडू का नाम विधान परिषद के लिए लगभग फाइनल हो चुका है।
विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने में अब महज कुछ ही घंटे शेष हैं। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना ने बच्चू कडू के सामने एक शर्त रखी थी कि वे अपने प्रहार संगठन का शिवसेना में विलय कर दें, जिसके बाद उन्हें उम्मीदवारी दी जाएगी। हालांकि, बच्चू कडू ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे फोन आया है और मैं चर्चा के लिए जा रहा हूं। अभी तक उम्मीदवारी निश्चित होने की आधिकारिक जानकारी मुझ तक नहीं पहुंची है।
जब उनसे संगठन के विलय के बारे में पूछा गया, तो कडू ने साफ तौर पर कहा कि विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मैं शिवसेना के चुनाव चिह्न पर नामांकन दाखिल करता हूं, तो भी प्रहार जनशक्ति पार्टी एक सामाजिक संगठन के रूप में स्वतंत्र होकर काम करती रहेगी। मैं दिव्यांगों, किसानों और वंचितों के लिए वैसा ही रहूंगा जैसा पहले था। कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।