मुंबई में एटीएस की बड़ी स्ट्राइक: गोवंडी-कुर्ला से 4 संदिग्ध हिरासत में, पाकिस्तान और ISIS कनेक्शन की जांच

Mumbai ATS Raid Govandi Kurla: मुंबई के गोवंडी और कुर्ला में एटीएस की छापेमारी। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और आईएसआईएस से जुड़े 4 संदिग्ध हिरासत में, जांच जारी।
Mumbai ATS Raid Govandi Kurla
Mumbai ATS Raid Govandi Kurla (फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

ISIS Online Radicalization ATS Mumbai: महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने मुंबई के पूर्वी उपनगरों में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एटीएस की कई टीमों ने गोवंडी और कुर्ला इलाके में चार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान, पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से कथित संबंध रखने के आरोप में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये संदिग्ध न केवल सीमा पार बैठे आकाओं के संपर्क में थे, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और युवाओं की भर्ती की कोशिशों में भी जुटे थे।

गोवंडी और कुर्ला में एटीएस का मिडनाइट ऑपरेशन

एटीएस की कालाचौकी, नागपाड़ा और विक्रोली इकाइयों ने समन्वय के साथ इस छापेमारी को अंजाम दिया। खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्ति ऑनलाइन माध्यमों से चरमपंथी सामग्री (Extremist Content) और ISIS कनेक्शन का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि गोवंडी में तीन और कुर्ला में एक परिसर की तलाशी ली गई, जहां से संदिग्धों को उठाया गया। इन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने का गंभीर संदेह है।

डिजिटल साक्ष्य और आईएसआईएस (ISIS) कनेक्शन

जांच के दौरान एटीएस ने संदिग्धों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार, इन उपकरणों में आईएसआईएस (ISIS) से संबंधित प्रोपेगेंडा सामग्री और विदेशों में बैठे संचालकों (Handlers) के साथ चैट हिस्ट्री मिली है। एटीएस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या ये संदिग्ध किसी बड़े 'लोन वुल्फ' हमले की साजिश रच रहे थे या केवल लॉजिस्टिक और भर्ती का काम देख रहे थे।

युवाओं को 'ऑनलाइन' कट्टरपंथी बनाने की साजिश

महाराष्ट्र एटीएस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह मॉड्यूल मुख्य रूप से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से सक्रिय था। संदिग्धों का काम डिजिटल माध्यमों से स्थानीय युवाओं को प्रभावित करना और उन्हें प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा की ओर धकेलना था। जब्त किए गए उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे यह साफ होगा कि इनके संपर्क में कितने और लोग थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मिले सबूतों के आधार पर मुंबई के अन्य हिस्सों में भी छापेमारी की जा सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com