अशोक खरात मामले में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, ईडी जांच से तीन मंत्रियों पर गिरफ्तारी की तलवार!

Ashok Kharat Case ED Investigation Samata Patsanstha: फर्जी कैप्टन अशोक खरात के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी। ₹70 करोड़ के बेनामी घोटाले में ईडी खरात को नासिक जेल से मुंबई लाई।
Ashok Kharat Case ED Investigation Mumbai
ईडी की हिरासत में अशोक खरात (फोटो क्रेडिट-X)
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Ashok Kharat Case ED Investigation Mumbai: खुद को सेना का फर्जी कैप्टन बताकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर जालसाज अशोक खरात की मुश्किलें अब कई गुना बढ़ गई हैं। पिछले 69 दिनों तक लगातार अलग-अलग मामलों में पुलिस रिमांड पर रहने के बाद खरात को अब देश की सबसे बड़ी वित्तीय जांच एजेंसी ईडी (Enforcement Directorate) के हवाले कर दिया गया है। नासिक पुलिस ने खरात के खिलाफ दर्ज सभी ग्यारह मुकदमों की कड़ियां जोड़ते हुए अपनी अंतिम चार्जशीट ड्राफ्ट तैयार कर ली है, जिसे अगले कुछ दिनों में विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इसी कड़ी में मंगलवार की सुबह एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। ईडी की एक विशेष टीम ने नासिक रोड सेंट्रल जेल पहुंचकर अशोक खरात को अपनी हिरासत में लिया और किसी भी स्थानीय हंगामे या लीक से बचने के लिए बेहद गोपनीय तरीके से उसे मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी दफ्तर स्थानांतरित कर दिया। अब इस ₹70 करोड़ के बेनामी साम्राज्य और हवाला रैकेट की जांच का मुख्य केंद्र मुंबई होगा, जहां खरात का सामना उन दस्तावेजी सबूतों से कराया जाएगा जो पतसंस्थाओं के छापों के दौरान जब्त किए गए थे।

क्रेडिट सोसायटियों के जरिए ब्लैक मनी को किया व्हाइट

ईडी की अब तक की प्राथमिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अशोक खरात ने कोपरगांव की समता अर्बन क्रेडिट सोसाइटी (पतसंस्था) में 60 बेनामी और फर्जी खाते खोले थे। इसके अलावा, सिन्नर की जगदंबा पतसंस्था में भी 32 ऐसे ही संदिग्ध खाते पाए गए हैं। इन कुल 92 बेनामी खातों का इस्तेमाल केवल और केवल ब्लैक मनी को रूट करने और देश के विभिन्न हिस्सों में जमीनें खरीदने के लिए किया गया था। खरात ने इन सोसायटियों से करोड़ों का अवैध लोन उठाकर अपनी पत्नी और करीबियों के नाम पर महाराष्ट्र के प्राइम लोकेशंस पर सैकड़ों एकड़ बेनामी कृषि और व्यावसायिक भूमि की रजिस्ट्री कराई है।

रूपाली चाकणकर के करीबियों से पूछताछ, मंत्रियों में हड़कंप

इस घोटाले के तार सीधे तौर पर महाराष्ट्र के कद्दावर राजनेताओं से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। ईडी की टीम ने इस मामले में राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर, उनकी बहन और कोपरगांव की समता पतसंस्था के सर्वेसर्वा काका कोयते से लंबी पूछताछ की है। विपक्ष ने पहले ही विधानसभा और मीडिया में आरोप लगाया है कि मौजूदा महायुति सरकार के कम से कम तीन कैबिनेट मंत्री सीधे तौर पर खरात के इस वित्तीय सिंडिकेट को संरक्षण दे रहे थे।

अभी कई बड़े राज खुलने बाकी

मंत्रालय के गलियारों में चर्चा तेज है कि मुंबई में होने वाली ईडी की कड़ाई से पूछताछ के दौरान अशोक खरात कुछ ऐसे राजनेताओं और बिल्डरों के नामों का खुलासा कर सकता है, जो अब तक जांच एजेंसियों की पहुंच से दूर थे। खरात और उसकी पत्नी के नाम पर खरीदी गई कई ऐसी बेनामी संपत्तियों के गुप्त दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जिनका ब्योरा अभी तक सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इस जांच के आगे बढ़ने के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले एक और बड़ा सियासी भूचाल आना तय माना जा रहा है।

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