दादर के फूल व्यापारी (सौ. सोशल मीडिया )
Artificial Flowers Ban In Maharashtra: विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से कृत्रिम फूलों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा का फूल कारोबारियों ने जोरदार स्वागत किया है।
फूल कारोबारियों ने कहा कि आर्टिफिशियल फूलों की वजह से फूल उत्पादक किसानों और इसके साथ जुड़े हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
देश में आर्टिफिशियल फूलों की बिक्री, इंपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन पर पूरी तरह रोक लगाया जाना चाहिए। फूल धरती को प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। फूल किसी खास व्यक्ति के प्रति अपने प्यार, भावनाओं और संवेदनाओं को व्यक्त करने का एक बेहतरीन तरीका है।
हर फूल प्रकृति में खिलती हुई एक आत्मा है। फूल धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने और सजावट में रंग भरने के साथ-साथ पर्यावरण को भी शुद्ध रखते हैं, जबकि कृत्रिम फूलों से पर्यावरण को नुकसान होता है। दादर स्थित मीनाताई ठाकरे फूल बाजार के अध्यक्ष दिनेश पुंडे ने कहा कि आर्टिफिशियल फूलों की वजह से प्राकृतिक फूलों की बिक्री कम हो गई।
दीपावली, दशहरा जैसे त्योहारों पर फूलों की खरीदी नहीं होने से फूल बाजार के बाहर की तरफ फूलों का कचरे का ढेर लग जाता है। प्लास्टिक और कागज के फूलों के कारण अब लोग प्राकृतिक फूल नहीं खरीदते हैं, जिससे फूल उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
गणेशोत्सव, दीपावली त्यौहार पर मार्केट में बिकने वाले नकली फूलों के कारोबार से असली फूलों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। कई पीढ़ियों से चले आ रहे फूल के व्यापार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पुंडे ने कहा कि फूलों की डिमांड अब गिने चुने तीज त्योहार और शादियों में ही होती है। धार्मिक आयोजनों और त्योहारों को छोड़ दे तो बाकी समय असली फूलों की डिमांड खत्म सी हो गई है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि डेकोरेशन में आर्टिफिशियल फूलों का इस्तेमाल अधिक होने लगा है। फूलों का व्यापार करने वाले अशोक निषाद का मानना है कि अब फूलों का व्यापार करना मुश्किल हो गया है।
पहले शादी-विवाह और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में फूलों की काफी मांग बनी रहती थी। अब लोगों का झुकाव आर्टिफिशियल फूलों की ओर ज्यादा देखने मिल रहा है। शादी विवाह में असली फूलों से डेकोरेशन की जगह आर्टिफिशियल फूलों का उपयोग अधिक किया जा रहा है। दादर में आर्टिफिशियल फ्लावर का व्यवसाय करने वाले एक व्यापारी ने बताया कि आर्टिफिशियल फ्लावर लेने वाले ग्राहक ज्यादा है। गणेशोत्सव में सबसे अधिक आर्टिफिशियल फ्लावर बिकते हैं।
शादी विवाह में आर्टिफिशियल फूलों का सबसे अधिक उपयोग हो रहा है, इसलिए डेकोरेशन में आर्टिफिशियल फूलों के उपयोग पर रोक लगाया जाना चाहिए और यह रोक सिर्फ मुंबई नहीं बल्कि पूरे में लगाया जाना चाहिए। राज्य में करीब 20 हजार हेक्टेयर जमीन पर फूलों की खेती होती है।
ये भी पढ़ें :- Breaking News: नागपुर के काटोल में SBL कंपनी में भीषण धमाका, 15 मजदूरों की मौत
फूलों की खेती से फूल उत्पादक किसानों को 2 हजार करोड़ रूपये की कमाई होती है। चीन से आर्टिफिशियल फूलों के आने के बाद से त्योहारों पर अब फूलों की बिक्री कम हो गई है। मुंबई के सबसे बड़े दादर स्थित मीनाताई ठाकरे फूल बाजार में गणेशोत्सव के अवसर पर करीब सवा करोड़ रूपये तक की फूलों बिक्री होती है।