

Mumbai Prabhadevi Double Decker ROB MRIDC Project: मुंबई के सबसे व्यस्त और वर्षों से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे प्रभादेवी रेलवे डबल डेकर ओवर ब्रिज पर निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अनुसार, रेलवे सीमा के भीतर परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से जारी है। रेलवे क्षेत्र का संपूर्ण निर्माण 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आधुनिक केबल-स्टे तकनीक से तैयार हो रहा यह नया आरओबी न केवल रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम पर फुल स्टॉप लगाएगा, बल्कि शहर और उपनगरों के बीच आवागमन को अधिक तेज, सुरक्षित और निर्बाध बनाते हुए मुंबई के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एक 'सुपर सॉल्यूशन' साबित
होगा। पुराने पुल के स्थान पर बनने वाला यह आधुनिक डबल डेकर आरओबी केबल-स्टे तकनीक पर आधारित है। उपलब्ध स्थान और इंजीनियरिंग आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसकी डिजाइन तैयार की गई है।
लगभग 500 मीटर लंबे इस पुल में 132.2 मीटर लंबा रेलवे स्पैन शामिल है। रेलवे लाइन पर निर्माण कार्य सुरक्षित ढंग से पूरा करने के लिए चरणबद्ध योजना के तहत काम किया जा रहा है। महारेल के अनुसार पुराने पुल को पूरी तरह हटाने का कार्य पूरा हो चुका है। सभी ओपन वेब गर्डरों का
फैब्रिकेशन भी समाप्त हो गया है। वर्तमान में रेलवे सीमा के भीतर सब-स्ट्रक्चर, गर्डर असेंबली और अगले चरण के निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सीमित स्थान और रेलवे यातायात की जटिलता को देखते हुए परियोजना का सावधानीपूर्वक नियोजन किया गया है।
पुल के पूरा होने के बाद प्रभादेवी रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। रेलवे और सड़क यातायात अलग-अलग होने से सुरक्षा बढ़ेगी तथा क्षेत्र में यातायात अधिक सुगम होगा। साथ ही भविष्य में बढ़ते यातायात के लिए आधुनिक और सक्षम बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
रेलवे लाइन पर गर्डर लॉन्चिंग तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय-समय पर रेलवे ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा। हालांकि, यात्रियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इसके लिए रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर ब्लॉक की योजना तैयार की जाएगी। परियोजना के लिए पश्चिम और मध्य रेलवे द्वारा 35 वर्षों के वे-लीव शुल्क की मांग की गई है, जिस पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है।
अटल सेतु से आ रही गाड़ियों को तेजी से वर्ली तक पहुंचाने के लिए शिवडी-वर्ली कनेक्टर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस प्रॉजेक्ट के माध्यम से प्रशासन ने अटल सेतु, वर्ली-बांद्रा सी लिंक और कोस्टल रोड को एक दूसरे से कनेक्ट करने का प्लान तैयार किया है। कनेक्टर से अटल सेतु का 15 फीसदी ट्रैफिक गुजरने की उम्मीद है। इसके जरिए गाड़ियां बगैर ट्रैफिक में फंसे नवी मुंबई से उपनगर तक पहुंच सकेंगी।