'350 विधायक सुरक्षित नहीं, तो जनता का क्या?' विधान भवन बम धमकी पर अनिल परब का सरकार से तीखा सवाल

Anil Parab Vidhan Bhavan Bomb Threat: विधान भवन में बम की धमकी के बाद अनिल परब ने महाराष्ट्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि विधायक सुरक्षित नहीं तो जनता का क्या होगा?
Anil Parab Question Vidhan Bhavan Bomb Threat
Anil Parab Question Vidhan Bhavan Bomb Threat (फोटो क्रेडिट-X)
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Anil Parab on Hoax Bomb Threat: महाराष्ट्र विधान भवन के बजट सत्र के दौरान बम की धमकी मिलने के बाद राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य अनिल परब ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सदन में तीखे तेवर अपनाते हुए पूछा कि यदि राज्य के 350 विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?

अनिल परब ने इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाते हुए सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की। उनके बयान ने सदन में खलबली मचा दी है और विपक्ष अब इस मामले को 'इंटेलिजेंस फेल्योर' के रूप में देख रहा है।

"350 विधायक असुरक्षित, तो जनता का क्या?"

अनिल परब ने सदन में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विधान भवन वह स्थान है जहां राज्य की 12 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले 350 विधायक (विधानसभा और विधान परिषद मिलाकर) मौजूद रहते हैं। उन्होंने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, "इतना गंभीर मामला होने के बावजूद कोई भी मंत्री सदन को जानकारी देने के लिए सामने नहीं आ रहा है। अगर इस परिसर में घुसकर कोई धमकी दे सकता है, तो 12 करोड़ जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है।" परब ने मांग की कि सरकार को इस पर आधिकारिक बयान देना चाहिए ताकि जनता और जनप्रतिनिधियों के मन से डर खत्म हो सके।

विधान भवन में बम की धमकी: घटनाक्रम

गुरुवार, 12 मार्च 2026 की सुबह विधान भवन के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ। ई-मेल में न केवल विधान भवन, बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को भी मिसाइल और बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके तुरंत बाद:

  • सुबह 8:25 बजे विधान भवन के सभी गेट बंद कर दिए गए।
  • कर्मचारियों और अधिकारियों को परिसर से बाहर निकाला गया।
  • बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली।
  • अंततः दोपहर तक जांच के बाद पुलिस ने इसे 'बोगस' (Hoax) घोषित किया।

विपक्षी नेताओं का सरकार पर हमला

अनिल परब के साथ-साथ विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने भी गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वडेट्टीवार ने पूछा कि खुफिया तंत्र (Intelligence) को पहले से इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? उन्होंने संदेह जताया कि क्या इस धमकी का संबंध खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव से है, क्योंकि ई-मेल में 'मिसाइल' जैसे शब्दों का उपयोग किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है।

सरकार का पक्ष और आश्वासन

सदन में हो रहे हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं है। गृह राज्य मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक शरारतपूर्ण कृत्य लग रहा है, लेकिन पुलिस की साइबर सेल धमकी भेजने वाले आईपी (IP) एड्रेस और ई-मेल आईडी की गहराई से जांच कर रही है। सरकार ने आश्वासन दिया कि विधान भवन और मुंबई के अन्य महत्वपूर्ण स्थल पूरी तरह सुरक्षित हैं और सत्र की कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रहेगी।

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