

Amruta Fadnavis Statement: नासिक स्थित टीसीएस बीपीओ सेंटर में महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोपों ने पूरे आईटी जगत को हिलाकर रख दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए अमृता फडणवीस ने न केवल दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, बल्कि अपने बैंकिंग करियर के दौरान देखे गए ऐसे ही कड़वे अनुभवों को भी साझा किया।
अमृता फडणवीस ने कहा कि यह सुनकर गहरा दुख और खेद होता है कि नामी कॉर्पोरेट संस्थानों में महिलाओं के साथ ऐसी घिनौनी हरकतें हो रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह एक्सिस बैंक (Axis Bank) में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थीं, तब उनके सामने भी इस तरह के कुछ मामले आए थे। हालांकि, उन्होंने यह संतोष जताया कि उस समय बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन ने बिना देरी किए उन आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी तत्काल कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाना नामुमकिन है।
नासिक मामले की गंभीरता को देखते हुए अमृता फडणवीस ने इसे एक भयानक स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। उनके अनुसार, अब इन मामलों पर प्रशासन की ओर से त्वरित और सख्त कार्रवाई (Firm Action) शुरू हो गई है। उन्होंने अपील की कि लड़कियों को अब अपने आसपास के वातावरण को लेकर बहुत अधिक सतर्क (Alert) रहने की आवश्यकता है।
अमृता फडणवीस ने युवाओं में बढ़ते भ्रम पर चिंता जताई। उन्होंने तर्क दिया कि हमारे देश के युवा अपने मूल संस्कारों, वेदों और पुराणों की जानकारी न होने के कारण पथभ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने समाधान देते हुए कहा यदि हम अपनी भारतीय संस्कृति से पूरी ईमानदारी के साथ प्रेम करें और उसका अनुसरण करें, तो ऐसी प्रतिकूल स्थितियां कभी पैदा ही नहीं होंगी। शिक्षा प्रणाली में भारतीय संस्कृति और मूल्यों का समावेश होना अनिवार्य है ताकि युवा अपनी जड़ों को पहचान सकें और किसी भी बहकावे में न आएं।
TCS नासिक मामले पर बयान के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुप रहना अपराधी के हौसले बुलंद करता है, इसलिए तुरंत अपने सीनियर्स को सूचना देना ही बचाव का पहला कदम है।