Thackeray Brothers के बाद अब आंबेडकर बंधुओं के पुर्नमिलन की तैयारी, आनंदराज के बयान से सियासी हलचल
Maharashtra Politics: बीएमसी चुनाव की आहट के बीच आनंदराज आंबेडकर ने भाई प्रकाश आंबेडकर के साथ भविष्य में एकजुट होने के संकेत दिए, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें तेज हो गई हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रकाश आंबेडकर और आनंदराज आंबेडकर (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति में पारिवारिक मनोमिलन का मौसम जोर पकड़ने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे तथा चाचा-भतीजा (शरद पवार और अजित पवार) के साथ आने के बाद आंबेडकर बंधुओं के बीच भी मतभेद कम होने के संकेत मिले हैं।
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आनंदराज आंबेडकर के बयान के बाद दोनों भाइयों के नए साल में साथ आने की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। महानगरपालिका चुनाव की गहमागहमी के बीच आनंदराज आंबेडकर ने कहा कि आंबेडकरी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में हम दोनों भाई भी एकजुट हो सकते हैं।
उन्होंने ठाकरे बंधुओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हर चीज का एक समय होता है। जैसे वे दो भाई (ठाकरे बंधु) एकजुट हुए हैं, भविष्य में हम भी हो सकते हैं। आनंदराज ने आगे कहा कि यदि प्रयास हुआ तो मेरी तरफ से जरूर प्रतिसाद दिया जाएगा।
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बेअसर उद्धव-राज का गठबंधन
- ठाकरे बंधुओं के एकजुट होने पर आनंद राजा ने कहा कि मुंबई में कोई बड़ा चमत्कार नहीं होगा।
- उन्होंने कहा कि मुंबई में इनके पिछले 25 वर्षों के शासनकाल में मराठी लोग पलायन करने को मजबूर हुए है। इसलिए इनके गठबंधन से सिर्फ अंधभक्तों प्रभावित होगे, सभी मराठी नहीं, धर्म या जति के नाम पर लोगों को बांटने से समस्या हल नहीं होगी।
- उन्होंने कहा कि योग्य व्यक्ति को महापौर की कुसी पर बैठाने की बात कोई नहीं कर रहा है।
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शिंदे से गठबंधन पर असंतुष्ट
आनंदराज ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ वाले अपने मौजूदा गठबंधन पर असंतोष जताया और कहा कि उन्होंने हमें मांगी गई महत्वपूर्ण सीटें नहीं दी। इस वजह से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। आनंदराज ने रामदास आठवले को नसीहत देते हुए आगे कहा कि सिर्फ सत्ता में बैठकर काम नहीं चलेगा।
