

Amruta Fadnavis Divija Fadnavis Beach Clean Up Drive: गणेश विसर्जन के पावन पर्व के ठीक अगले दिन मुंबई के प्रसिद्ध जुहू बीच पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। हर साल विसर्जन के बाद समुद्र तटों पर फैलने वाली गंदगी और अवशेषों को साफ करने के लिए 'दिव्यज फाउंडेशन' की ओर से 'सी शोर शाइन 2026' (Sea Shore Shine 2026) बीच क्लीन-अप ड्राइव का आयोजन किया गया।
इस विशेष स्वच्छता अभियान में बॉलीवुड स्टार अजय देवगन, दिव्यज फाउंडेशन की फाउंडर अमृता फडणवीस, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस और बीजेपी मुंबई अध्यक्ष अमित साटम, बीजेपी नेता राम कदम सहित कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई।
दिव्यज फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'सी शोर शाइन 2026' बीच क्लीन-अप ड्राइव के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस जुहू बीच पर साफ सफाई करती हुई दिखीं। वहीं बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन और दिव्यज फाउंडेशन की संस्थापक अमृता फडणवीस ने भी जुहू बीच पर 'सी शोर शाइन 2026' बीच क्लीन-अप ड्राइव में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस ने कहा कि मुझे लगता है कि यह एक बहुत जरूरी काम है, और मेरा मानना है कि हमारे शहर और हमारे समुद्रों की भलाई हमारी अपनी जिम्मेदारी है। हमें यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि सब कुछ अपने आप हो जाएगा। हमें इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे आज बहुत से छात्र और NGO कर रहे हैं। तो, यह एक बेहतरीन काम है, और मुझे लगता है कि यह हम सभी के लिए जिम्मेदारी लेने की शुरुआत होनी चाहिए।
दिव्यज फाउंडेशन के बीच सफाई अभियान पर अभिनेता अजय देवगन ने कहा कि यह एक क्रिएटिव पहल है। मैं पूरी टीम का शुक्रिया अदा करना चाहता था। इसलिए मैं इसका हिस्सा बनना चाहता हूं, और मैं इसका हिस्सा हूं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी और सोशल वर्कर अमृता फडणवीस ने कहा कि आज हम जुहू बीच पर 'सी शोर शाइन' कैंपेन के लिए आए हैं, जिसे 'दिव्यांग फाउंडेशन' ने BMC और मुंबई पुलिस के साथ मिलकर आयोजित किया है। जैसा कि आप देख सकते हैं, गणपति विसर्जन के बाद बीच पर काफी कचरा जमा हो गया है। जब बच्चे और युवा ऐसे कार्यों में हिस्सा लेते हैं, तो उनमें जागरूकता आती है और वे जिम्मेदारी से जीने का मतलब समझते हैं।
अमृता फडणवीस ने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को तो बनाए रखना ही चाहिए, लेकिन ऐसे कार्यक्रम हमें यह भी सिखाते हैं कि अपने त्योहार पर्यावरण के अनुकूल तरीके से कैसे मनाएं। यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए; इसे एक आदत बनाना ज़रूरी है। हमें ऐसे जीने का तरीका सीखना होगा जो पर्यावरण की स्थिरता में मदद करे।