Mumbai News: राजावाड़ी अस्पताल के वार्ड 40 के बाथरूम में नवजात को छोड़ भागी कलयुगी मां; तलाश में जुटी पुलिस

Rajawadi Hospital Ghatkopar Newborn Baby Case 2026: मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में मिला लावारिस नवजात शिशु। रोने की आवाज सुनकर पुलिस और स्टाफ ने बचाया।
Abandoned Infant Rajawadi Hospital Ghatkopar
राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम की ठंडी फर्श पर मिला बेसहारा नवजात (फोटो क्रेडिट-X)
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Abandoned Infant Rajawadi Hospital Ghatkopar: घाटकोपर का राजावाड़ी अस्पताल मुंबई के सबसे व्यस्त सार्वजनिक अस्पतालों में से एक माना जाता है। 25 मई की रात को तिलक नगर पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस हवलदार जितेंद्र विष्णु पाटिल की ड्यूटी अस्पताल के कैजुअल्टी विभाग में लगी हुई थी। रात के समय अस्पताल में सामान्य हलचल थी, तभी करीब 9 बजे विष्णु श्रीराम पटेल नाम का एक युवक बेहद घबराई हुई हालत में हवलदार पाटिल के पास पहुंचा और उसने बाथरूम के भीतर से किसी बच्चे के लगातार रोने की बात कही।

सूचना मिलते ही पुलिस हवलदार पाटिल बिना कोई समय गंवाए युवक के साथ वार्ड नंबर 40 के सामने बने बाथरूम की ओर दौड़े। बाथरूम का दरवाजा खोलने पर अंदर का नजारा बेहद विचलित करने वाला था। एक नवजात बालक बिना कपड़ों के, बाथरूम की ठंडी और गीली फर्श पर बेसहारा हालत में पड़ा तड़प रहा था। पुलिसकर्मी ने तुरंत अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को मौके पर बुलाया।

नर्सिंग स्टाफ की तत्परता से बची मासूम की जान, हालत अब स्थिर

बाथरूम में नवजात मिलने की खबर मिलते ही अस्पताल की ड्यूटी नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ तुरंत वहां पहुंचे। नर्सिंग स्टाफ ने युवक विष्णु पटेल और पुलिसकर्मी की मदद से बच्चे को सावधानीपूर्वक फर्श से उठाया। बच्चे की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसकी तुरंत प्राथमिक साफ-सफाई की गई और उसे गर्म कपड़ों में लपेटकर तत्काल एनआईसीयू (NICU) वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि यदि बच्चे के रोने की आवाज समय पर नहीं सुनी जाती, तो संक्रमण या अत्यधिक ठंड के कारण उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर और नियंत्रण में है।

अस्पताल के बाथरूम में ही डिलीवरी की आशंका

शिशु के मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत अपने प्रसव वार्ड (Maternity Ward) और दाखिला रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि, प्राथमिक जांच में उस समय अस्पताल में किसी भी ऐसी महिला के प्रसव या बच्चे के जन्म की जानकारी सामने नहीं आई। इस स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों और पुलिस को अंदेशा है कि किसी गर्भवती महिला ने चुपके से अस्पताल के बाथरूम में ही बच्चे को जन्म दिया और लोकलाज या किसी अन्य कारण से नवजात को वहीं फर्श पर लावारिस छोड़कर फरार हो गई।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस, महिला की तलाश तेज

इस अमानवीय घटना को गंभीरता से लेते हुए तिलक नगर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम अब राजावाड़ी अस्पताल के मुख्य द्वारों, वार्ड नंबर 40 के गलियारों और प्रसूति विभाग के आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध महिला की पहचान की जा सके। स्थानीय नागरिकों और मरीजों के रिश्तेदारों ने समय पर सूझबूझ दिखाने वाले युवक विष्णु पटेल और मुस्तैद पुलिसकर्मी की सराहना की है, जिनकी वजह से एक मासूम को नया जीवन मिल सका।

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