

Mumbai Train Bombings Story: मुंबई की लाइफलाइन मुंबई की लोकल ट्रेनों को कहा जाता है। अगर मुंबई लोकल के पहिए थम गए थे तो आधी से ज्यादा मुंबई थम जाती है। देश के कोने-कोने से लोग अपने सपने लिए मुंबई पहुंचते है। मुंबई की लोकल ट्रेन उनके जीवन का अहम हिस्सा बन जाती है। लोग रोज अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए लोकल ट्रेन का इस्तेमाल करते है। 11 जुलाई 2006 भी इन दिनों में से एक था। लोग सुबह अपने घरों से निकले लेकिन शाम को वो वापस नहीं लौट पाए।
11 जुलाई 2006 की शाम 6.23 बजे से 6.29 बजे के बीच पश्चिमी उपनगर रेलवे लाइन पर सात लोकल ट्रेनों के प्रथम श्रेणी के डिब्बों में 7 विस्फोट हुए। इस हमले में 187 लोगों की मौत हो गई वहीं 824 लोग घायल हो गए। इस मामले में बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार यानी 21 जुलाई 2025 को सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। आइए जानते है 11 जुलाई 2006 से आज तक की पूरी कहानी...
(एजेंसी इनपुट के साथ)