

मुंबई: मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के लगभग डेढ़ साल के आंदोलन में पांच बार किए गए अनशन के बाद भी मराठा समाज के आरक्षण का मुद्दा हल नहीं हुआ। नतीजतन अब मराठा आंदोलनकारी मराठा क्रांति ठोक मोर्चा के परचम तले राज्य के प्रमुख नेताओं का घेराव कर रहे हैं और उनसे मराठा आरक्षण पर अपनी भूमिका स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को मनोज जरांगे ने मराठा समाज के लोगों से विधानसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के इच्छुक लोग अपने पेपर तैयार कर लें। हम चुनाव लड़ना है या नहीं, इस बारे में 29 अगस्त के बाद निर्णय लेंगे।
जालना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मनोज जरांगे ने कहा कि सियासी दलों का गठबंधन मतलब दुकान हो गया है और हमें इन दुकानों को बंद कराना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार के चुनाव में आपका राजनीतिक सूपड़ा साफ हो जाएगा।
मनोज ने आगे कहा कि मैं अब भी सांसद बन गया होता, वह भी मुफ्त में और निर्विरोध, लेकिन मुझे सत्ता की कोई भूख नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमें चुनाव लड़ने के लिए मजबूर न करें। विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि वे 14 से 20 अगस्त के बीच सभी 288 निर्वाचन क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे और 29 अगस्त को निर्णय लेंगे कि चुनाव लड़ना है या नहीं।
मराठा क्रांति ठोक मोर्चा के संयोजक रमेश केरे पाटिल मुंबई में 'जबाब दो' आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर उनकी उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सागर बंगले के पास विरोध प्रदर्शन की योजना थी। प्रदर्शनकारी सागर बंगले से शरद पवार के सिल्वर ओक बंगले तक मार्च निकालने वाले थे। लेकिन आंदोलनकारियों को पुलिस ने गिरगांव चौपाटी के पास रोक लिया। पुलिस ने रमेश केरे को हिरासत में ले लिया।
आंदोलनकारियों की मांग थी कि फडणवीस और पवार को मराठा आरक्षण पर अपना पक्ष रखना चाहिए। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद रमेश केरे के शिष्टमंडल से उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुलाकात की। बाद में केरे ने कहा कि हम हमेशा से मनोज जरांगे के साथ थे और रहेंगे। हम उनके आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे। फडणवीस से हमारी चर्चा हुई है। वह अपना पक्ष मीडिया के जरिए सामने रखने वाले हैं।
फिलहाल उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए मरीन ड्राइव इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं।