

Mumbai Pune Missing Link Landslide Traffic Update: महाराष्ट्र में जारी भारी बारिश के बीच मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। आज तड़के लगभग 3:30 बजे इस मार्ग पर स्थित टनल के मुहाने पर भारी लैंडस्लाइड हुई। इस घटना की जानकारी मिलते ही सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने बताया कि तड़के 3:30 बजे जब भूस्खलन हुआ, तो सुरक्षा तंत्र ने तुरंत सक्रियता दिखाई। भारी बारिश के कारण पहाड़ों से पानी का एक अभूतपूर्व प्रवाह आया, जो अपने साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर बहाकर ले आया। यह मलबा सीधे सुरंग के प्रवेश द्वार के ऊपर स्थित रेलिंग और बीम पर गिरा। आधुनिक तकनीक और कैमरों से लैस कंट्रोल रूम को घटना का तुरंत पता चल गया, जिसके बाद बिना देरी किए यातायात को रोक दिया गया और वाहनों का मार्ग बदल दिया गया।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरंग के मुख्य ढांचे या स्लैब को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही खबरें कि स्लैब गिर गया है, गलत हैं। दरअसल, ऊपर से गिरा मलबा केवल सुरंग के सामने वाले हिस्से पर आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना में इस्तेमाल की गई तकनीक के कारण ही हम समय रहते बड़ा हादसा टालने में सफल रहे।
मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मंत्री ने अपडेट देते हुए कहा कि अधिकांश मलबा पहले ही हटाया जा चुका है और शेष कार्य को पूरा करने में लगभग दो से तीन घंटे का समय और लग सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि रास्ता खोलने का अंतिम फैसला स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए पूरी तरह से जांच होने के बाद ही वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी। वर्तमान में भारी बारिश और कोहरे के कारण सफाई कार्य में कुछ बाधाएं आ रही हैं।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सरकार ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने जानकारी दी कि IIT के विशेषज्ञों को निरीक्षण के लिए बुलाया गया है। जैसे ही बारिश की तीव्रता कम होगी और कोहरा छंटेगा, ये विशेषज्ञ पहाड़ी के ऊपर जाकर जांच करेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो पहाड़ों से आने वाले झरनों और नालों के प्रवाह को मोड़ा जाएगा ताकि सुरंग पर दोबारा दबाव न पड़े। इसके अलावा, पहाड़ी पर ढीली मिट्टी की भी जांच की जाएगी और उचित सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। मंत्री ने अंत में आश्वासन दिया कि प्रशासन 24 घंटे अलर्ट पर है और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।