मुंबई में आसमानी आफत, पहले फटे बादल और अब भूखे रहने की नौबत, डब्बेवालों के फैसले से संकट में मुंबईकर

Mumbai heavy rain :मुंबई में पिछले 4 दिनों से जारी मूसलाधार बारिश आफत बन चुकी है। विरार-वसई में जलजमाव के कारण मुंबई डब्बेवाला एसोसिएशन ने सोमवार को अपनी टिफिन सेवा बंद रखने का फैसला किया है।
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मुंबई के डब्बेवाले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Dabbawala Service Suspended Mumbaikars In Trouble: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब रौद्र रूप धारण कर लिया है। बादलों के फटने जैसी स्थिति और लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाले डब्बेवालों ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे हजारों मुंबईकरों के सामने अब भूखे रहने की नौबत आ गई है।

मुंबई में डब्बेवालों की सेवा अपनी सटीकता और अटूट परंपरा के लिए विश्वभर में जानी जाती है। लेकिन, मौजूदा हालात को देखते हुए मुंबई डब्बेवाला एसोसिएशन ने सोमवार को अपनी टिफिन डिलीवरी सेवा को पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष उल्हास मुके ने बताया कि 125 वर्षों की इस महान परंपरा के बावजूद, कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारी बारिश के कारण विरार और वसई जैसे इलाकों में कई डब्बेवालों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे उनके लिए काम पर निकल पाना असंभव हो गया है। डब्बेवालों के इस फैसले का सीधा असर उन दफ्तर जाने वाले लोगों पर पड़ेगा जो अपने दोपहर के भोजन के लिए पूरी तरह इन्हीं पर निर्भर रहते हैं।

सड़कों पर समंदर और रेल पहिये जाम

मुंबई की सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है और कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है। तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ उखड़ कर गिर गए हैं। रेल यातायात भी इस बारिश की मार से अछूता नहीं रहा है। रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर पानी भर जाने के कारण कम से कम 16 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 9 गाड़ियों के मार्ग बदल दिए गए हैं। जलजमाव के कारण परिवहन सेवा पूरी तरह चरमरा गई है।

रेड अलर्ट और प्रशासन की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई सहित ठाणे, पालघर और रायगड़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान लगाया गया है कि आने वाले समय में रुक-रुक कर 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और अतिवृष्टि का दौर जारी रह सकता है। बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें।

महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी हाहाकार

केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्से भी इस मानसूनी संकट से जूझ रहे हैं। बदलापुर में उल्हास नदी ने चेतावनी के स्तर को पार कर लिया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पुणे के मावल इलाके में लैंडस्लाइड के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है। खराब मौसम और सड़कों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई-पुणे एसटी बस सेवा को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और अगले 8 जुलाई तक सावधानी बरतने की अपील की है।

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