मुहर्रम जुलूस में जहर बांटने का आरोपी बोला- समाज से बदला लेना चाहता था, पुलिस जांच तेज

Mumbai Muharram Poison Capsule Case: मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांटने के आरोपी ने पूछताछ में समाज से बदला लेने की बात कही है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
Mumbai Muharram Poison Capsule Case News
मुंबई मुहर्रम ज़हर केस (सौ. एक्स )
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Mumbai Muharram Poison Capsule Case News: मुंबई पुलिस की रिमांड में आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पुलिस के सामने सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने बताया कि पत्नी द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उसने समाज के खिलाफ प्रतिशोध लेने का रास्ता अपनाया, इसी मंशा से वह मुंबई शहर में मुहर्रम के जुलूस में जहर बांट रहा था।

पुलिस पूछताछ के दौरान पता चला कि फैयाज पिछले दो वर्षों से अपनी पत्नी से अलग रह रहा था और मानसिक रूप से परेशान था। उसे लगता था कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है। इसलिए वह बदला लेना चाहता था।

कौन-कौन है शामिल ?

पुलिस का मानना है कि इसी वजह से उसने यह अपराध किया। इस खुलासे से सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ गए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति ने इस योजना को अंजाम देने में उसकी मदद की है। क्या अन्य लोग भी इस साजिश से वाकिफ थे और क्या आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास है।

पुणे निवासी प्रेमजी, 15 दिन मुंबई में रहकर बनाया प्लान

  • फैयाज प्रेमजी पुणे के विमान नगर का निवासी है। जहां वह अपने पिता के साथ रहता था। दोनों एक पेट फैक्ट्री में काम करते थे। उसकी मां और बहन फिलहाल ईरान में रहती है। जहां उसकी बहन डॉक्टर के रूप में कार्यरत है।
  • वर्ष 2025 में फैयाज उनसे मिलने ईरान गया था, और इस यात्रा के दौरान उसने इराक का भी दौरा किया था। लगभग 15 दिन पहले वह पुणे से मुंबई आया और डोगरी इलाके के एक गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक जांच में कैप्सूल में जिंक फॉस्फाइड पाया गया।
  • जो बेहद खतरनाक जहर है और आमतौर पर चूहा मारने की दवा के रूप में इस्तेमाल होता है। यह पेट के अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके फॉस्फीन गैस छोड़ता है। जो रक्त में घुलकर शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन से वंचित कर देती है।
  • इससे गंभीर पीड़ा, अंगों की विफलता और मौत हो सकती है। आरोपी क्रियाज प्रेमजी की पुलिस रिमांड आज समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने आगे की जांच के लिए उसे दोबारा 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
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