महाराष्ट्र में कमजोर पड़ा मानसून, गर्मी और उमस से लोग हो रहे परेशान

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में धूप-छांव के खेल के बीच हल्की वर्षा की संभावना है। रविवार शाम को मुंबई में बारिश की संभावना है।
Monsoon weakens in Maharashtra
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Monsoon Update: देश के हर हिस्से में मानसून आने के बाद से ही लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। लेकिन महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में धूप-छांव के खेल के बीच हल्की वर्षा की संभावना है। मुंबई आज सुबह का तापमान 27°C है। मौसम विभाग के मुताबिक ह वा, नमी और अन्य मौसम की स्थितियों जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए तापमान 30°C जैसा महसूस हो सकता हैं।

मुंबई में सुबह बारिश की संभावना है। शाम के समय बारिश की संभावना 79% है, साथ ही हवा की गति 19 किमी प्रति घंटा रहने की अनुमान है। 3 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश होन की संभावना है। वहीं 4 अगस्त के बाद मौसम में थोड़ा बदलाव देखा जा सकता है। हालांकि इस दौरान IMD ने भारी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

वहीं पुणे में आज सुबह का तापमान 21°C है। यहां सुबह धूप खिली रहेगी लेकिन शाम को बारिश की संभावना जताई गई है। इधर नागपुर में भी सुबह से धूप खिली है। नागपुर में दोपहर के समय तापमान 32°C तक जा सकता है। मौसम विभाग ने नागपुर में बारिश को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं बतााया है।

कमज़ोर पड़ रहा मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार विस्तारित अवधि के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि कमजोर मॉनसून की स्थिति अगले दो सप्ताह तक मुख्य मॉनसून क्षेत्र में बनी रहेगी। महाराष्ट्र में सामान्य से कम बारिश होगी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक मध्य भारत क्षेत्र और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में, जो मुख्य मानसून क्षेत्र का हिस्सा हैं, अगले कुछ दिनों में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना नहीं है। मानसून की द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। परिणामस्वरूप, मुख्य मानसून क्षेत्र में मानसून की सक्रियता कमज़ोर पड़ गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

अभी यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी कि कमज़ोर मानसून का यह दौर कब तक चलेगा, लेकिन अगले 10 दिनों तक कोई बड़ी मौसमी गतिविधि की उम्मीद नहीं है। अगर 10 दिनों से ज़्यादा बारिश नहीं हुई, तो यह स्थिति खेती-किसानी के लिए चिंता का विषय बन सकती है। मौसम पर नज़र रखी जा रही है और जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।

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