महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 12 की मौत, CM फडणवीस बोले- अगले 48 घंटे बेहद अहम, हाई अलर्ट जारी
Maharashtra Heavy Rains: महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते 12 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएम फडणवीस ने कहा, कि अगले 48 घंटे बेहद अहम है। सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया गया है।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस (pic credit; social media)
CM Fadnavis on Maharashtra Heavy Rains: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ हालात की समीक्षा करते हुए कहा कि आने वाले 48 घंटे मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए बेहद अहम हैं। इन सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
मुंबई में सोमवार को रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। निचले इलाकों में जलभराव से उपनगरीय रेल और बस सेवाएं प्रभावित हुईं। बीएमसी ने हालात को देखते हुए सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों में अवकाश घोषित कर दिया। वहीं, मुंबई उच्च न्यायालय में भी बारिश की वजह से केवल दोपहर 12.30 बजे तक ही कामकाज हुआ। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और आसपास के जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।
भारी बारिश से मीठी नदी उफान पर
बारिश के चलते मुंबई के कुर्ला इलाके में मीठी नदी उफान पर आ गई, जिससे करीब 350 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। बीते 24 घंटों में मुंबई के कई हिस्सों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिसमें विक्रोली सबसे प्रभावित रहा, जहां 255 मिमी बारिश हुई। मध्य रेलवे को जलभराव के चलते सीएसएमटी से कुर्ला और सायन के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं बंद करनी पड़ीं।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Paper Leak: लातूर के नामी डॉक्टर CBI की रडार पर, मोटेगावकर के ठिकानों पर फिर छापेमारी
दादर में गूंजी आत्मनिर्भर भारत की गूंज: फडणवीस ने गिनाईं मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां
विदर्भ में ऑपरेशन लोटस की आहट? विधान परिषद चुनाव से पहले कांग्रेस के 60 पार्षद नॉट रिचेबल
पानी बचाने पर मिलेंगे एक्वाक्रेडिट्स: महाराष्ट्र सरकार का क्रांतिकारी वॉटर बैलेंस शीट प्रोजेक्ट
राज्य के अन्य हिस्सों में भी हालात गंभीर हैं। नांदेड़ जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों से 290 लोगों को बचाया गया है। वहीं, गडचिरोली में लगातार बारिश के कारण 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। कोल्हापुर और सतारा जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राधानगरी और कोयना बांध से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों के गांवों को सतर्क रहने को कहा है।
10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जानकारी दी कि लगातार बारिश से राज्य में लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बारिश कम होने के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।
राज्य सरकार ने SDRF और सेना को राहत-बचाव कार्यों में लगाया है। वहीं, प्रभावित जिलों में लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
