नागपुर में ‘महाराष्ट्र बंद’ के दौरान हंगामा: संविधान चौक पर धक्का-मुक्की में 4 घायल; 150 से अधिक हिरासत में
Nagpur NEET Paper Leak Protest: वंचित बहुजन आघाड़ी के 'महाराष्ट्र बंद' के दौरान नागपुर के संविधान चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की हुई। 150 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए।
- Written By: रूपम सिंह
नागपुर हंगामा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nagpur Maharashtra Bandh Protest 2026: पेपर लीक प्रकरण और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ गुरुवार को वंचित बहुजन आघाड़ी ने महाराष्ट्र बंद की घोषणा की थी। वैसे गुरुवार को सीजेपी द्वारा संविधान चौक पर आंदोलन करने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में वहां आंदोलन नहीं होने था लेकिन वंचित के बंद की घोषणा होने के बाद पुलिस विभाग ने तैयारी कर ली थी। पुलिस ने उन थाना क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित किया जहां वंचित के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है।
इसके अलावा संविधान चौक और शहर भर में तगड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया। जैसे-जैसे वंचित के कार्यकर्ता आंदोलन के लिए बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें डिटेन करना शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे तक अजनी पुलिस ने 20 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया। सभी को पुलिस मुख्यालय स्थित अलंकार सभागृह में रखा गया। इसके अलावा वाड़ी, अंबाझरी, प्रतापनगर और अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में भी पुलिस की धरपकड़ चलती रही।
जहां वंचित के पदाधिकारियों की मौजूदगी की खबर मिली, तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई। ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी ने बताया कि शहर के सभी क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से बंदोबस्त तैनात किया गया था। पुलिस ने शहरभर से 150 से ज्यादा वंचित के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को डिटेन किया। पुलिस मुख्यालय ले जाकर उनके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 135, 68 और 69 के तहत प्रतिबंधक कार्रवाई करने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
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संविधान चौक पर पुलिसकर्मी सहित 4 जख्मी
पुलिस को पहले ही अनुमान था कि शहरभर से विभिन्न पार्टी और संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता संविधान चौक पर पहुंचेंगे। ऐसे में वहां गुरुवार को भी तगड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया। डीआईजी विनीता साहू और राजेंद्र दाभाड़े के नेतृत्व में डीसीपी एस। ऋषिकेश रेड्डी, राहुल मदने, रमेश धुमाल सहित भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारियों ने यहां मोर्चा संभाल रखा था।
दिनभर तो यहां शांति बनी रही लेकिन शाम होते-होते दोबारा आंदोलनकारी यहां जमा होने लगे। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। नागपुर पुलिस ने व्यवस्था संभालने के लिए सभी को डिटेन करना शुरू कर दिया। इसी दौरान हर्ष शंभरकर नामक युवक को डिटेन करते समय उसने महिला पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ ली। उसे किसी तरह काबू किया गया। कुछ युवतियां उसके समर्थन में बीचबचाव करने आ गईं।
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वाहन में डालते समय काफी धक्का-मुक्की हुई जिसमें 2 युवतियां जमीन पर गिर पड़ी। एक के पैर पर चोट आई और दूसरी के सिर पर चोट लगी। 1 अधिकारी और महिला कांस्टेबल को भी चोटें आईं। बताया जाता है कि पुलिस मुख्यालय ले जाते समय हर्ष ने पुलिस वाहन के चालक की गर्दन पकड़कर स्टेयरिंग मोड़ दी। इससे भयानक हादसा भी हो सकता था। देर रात तक हर्ष के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई जारी थी।
बिना अनुमति के आंदोलन तो होगी कार्रवाई
नागपुर शहर में चल रहे आंदोलन के दौर में कई संगठन बिना अनुमति मोर्चे और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सिटी पुलिस द्वारा राजनीतिक पार्टी, संगठनों और नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का आंदोलन, धरना प्रदर्शन करने से पहले संबंधित पुलिस स्टेशन और सक्षम अधिकारी से अनुमति लें। बगैर अनुमति के किसी भी प्रकार का आंदोलन करना गैर कानूनी है, इसीलिए सभी को आंदोलन के पूर्व अनुमति लेनी होगी। बगैर अनुमति के आंदोलन करने पर पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।
