महाराष्ट्र में कमर्शियल चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य: 16 अगस्त से लागू होगा नियम, परिवहन मंत्री की घोषणा

Maharashtra Commercial Drivers: महाराष्ट्र में कमर्शियल वाहन चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य हुआ। अधिसूचना जारी, 16 अगस्त से पूरे राज्य में लागू होगा नया नियम।
Maharashtra Government makes working knowledge of Marathi mandatory for commercial vehicle drivers from August 16. Notification issued by Transport Department.
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Marathi Mandatory for Commercial Drivers Pratap Sarnaik: महाराष्ट्र सरकार ने व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इतना ही नहीं यह नया नियम अब 16 अगस्त से पूरे राज्य में लागू होगा। इसके तहत व्यावसायिक चालकों को यात्रियों से मराठी में संवाद करने में सक्षम होना आवश्यक होगा।

विधानसभा में इस तरह की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर संवाद और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र ने हमेशा रोजगार के लिए आने वाले लोगों का स्वागत किया है, लेकिन राज्य की जनता से संवाद के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टि से आवश्यक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी भाषा के विरोध में नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, सहज संवाद और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है। उनके अनुसार चालक और यात्री के बीच बेहतर संवाद से गलतफहमियां कम होंगी, आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

राज्यव्यापी प्रशिक्षण अभियान

सरनाईक ने कहा कि नए नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग पिछले कई महीनों से राज्यव्यापी प्रशिक्षण अभियान चला रहा है। मराठी भाषा विभाग के सहयोग से कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से हजारों अनुभवी शिक्षकों की टीम तैयार की गई है।

चालकों के लिए विशेष पाठ्यक्रम

आरटीओ और प्रशिक्षण केंद्रों में चालकों की सुविधा के अनुसार कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। पाठ्यक्रम में यात्रियों से संवाद, दिशा-निर्देश, किराया, आपातकालीन स्थिति तथा महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों से व्यवहार जैसे विषय शामिल है। सरल पुस्तिकाओं और प्रशिक्षण सामग्री के जरिए मराठी सीखना आसान बनाया जाएगा।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बाताया की महाराष्ट्र मेरने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभाषा पर गर्व करे, लेकिन महाराष्ट्र की मातृभाषा मराठी को भी पूरे मन से अपनाएं। मराठी का सम्मान, महाराष्ट्र की संस्कृति और यहां की जनता की भावनाओं का सम्मान है।

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