राजस्थान से भी गर्म हुआ महाराष्ट्र, अकोला 46.9°C के साथ महाराष्ट्र में सबसे गर्म, विदर्भ बना भट्टी

Vidarbha Heat Records: महाराष्ट्र के अकोला और अमरावती ने राजस्थान के बाड़मेर को गर्मी में पीछे छोड़ा। अकोला 46.9°C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर। विदर्भ में हीटवेव का रेड अलर्ट, पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Maharashtra Heats Up Even More Than Rajasthan; Akola Becomes the Hottest Spot in the State at 46.9°C, Turning Vidarbha into a Furnace.
तपते महाराष्ट्र की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Hotter Than Rajasthan: साल 2026 इतिहास का सबसे गर्म साल बनने की ओर अग्रसर है, और इस रेस में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र ने रेगिस्तानी राज्य राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है। 26 अप्रैल को दर्ज किए गए आंकड़ों ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि महाराष्ट्र का अकोला शहर 46.9°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान बन गया है।

गर्मी की सीधी टक्कर

आमतौर पर राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर को देश के सबसे गर्म क्षेत्र माना जाता है, लेकिन इस साल अप्रैल के अंत में महाराष्ट्र की गर्मी ने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रेगिस्तानी इलाकों में जैसलमेर और बाड़मेर में अधिकतम तापमान 46°C दर्ज किया गया। वहीं कोटा और वनस्थली में 45.7°C, फलोदी में 45.4°C और बीकानेर में 45°C तापमान रहा। अजमेर जैसे शहरों में पारा 42.5°C के आसपास रहा।

महाराष्ट्र का विदर्भ प्रचंड गर्म

राजस्थान की तुलना में महाराष्ट्र के शहरों ने कहीं अधिक तीखी गर्मी का सामना किया:

  • अकोला: 46.9°C
  • अमरावती: 46.8°C
  • भीरा (रायगढ़): 46.5°C
  • वर्धा: 46.4°C
  • यवतमाल: 46.0°C
  • नागपुर: 45.4°C

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विदर्भ के लगभग सभी प्रमुख शहरों में पारा 45°C के पार जा चुका है, जो राजस्थान के कई पारंपरिक हॉटस्पॉट्स से कहीं अधिक है। इस साल गर्मी ने न केवल समय से पहले दस्तक दी, बल्कि इसकी तीव्रता भी डरावनी है। 24 अप्रैल को जारी एक वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 95 भारत के थे। इनमें महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के शहर प्रमुखता से शामिल थे।

क्यों तप रहा है महाराष्ट्र?

विशेषज्ञों के अनुसार, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में शुष्क हवाओं और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गर्मी का संचय अधिक हो रहा है। इसके विपरीत, उत्तर भारत में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण राजस्थान और आसपास के राज्यों में धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट आती है। राजस्थान में ऐसे ही विक्षोभ के कारण पारा 42°C से नीचे गिरने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र में फिलहाल ऐसी राहत के संकेत कम हैं।

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IMD की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून के बीच लू (Heatwave) के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहेगी। हालांकि उत्तरी राज्यों को बारिश और आंधी से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन विदर्भ और मध्य भारत के लिए मई का महीना और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। नागरिकों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी गई है।

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