महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई बम विस्फोट केस के फैसले को SC में दी चुनौती

Mumbai Bomb Blasts: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर आश्चर्य जताया।फडणवीस ने साफ कर दिया था कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
मुंबई बम विस्फोट केस के फैसले को SCमें चुनौती
मुंबई बम विस्फोट केस के फैसले को SCमें चुनौती (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने 7/11 मुंबई बम विस्फोट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को करेगा। उच्च न्यायालय ने सोमवार को 2006 के मुंबई उपनगरीय ट्रेन सीरियल ब्लास्ट मामले में सबूतों के अभाव में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। इस विस्फोट में 189 लोग मारे गए थे और 800 से ज़्यादा घायल हुए थे।

इस बीच, राज्य सरकार ने कहा है कि वह पीठ के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेगी। इसके बाद, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के फैसले के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।

मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता

मेहता ने कहा, "यह एक गंभीर मामला है। इस पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है।" उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीठ ने बताया कि बरी किए गए 12 आरोपियों में से 8 पहले ही जेल से रिहा हो चुके हैं। इस पर मेहता ने कहा, "हां, उन्हें रिहा कर दिया गया है। हालांकि, मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है।"

मुख्यमंत्री फडणवीस ने फैसले पर आश्चर्य जताया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर आश्चर्य जताया। बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बेहद चौंकाने वाला है। फडणवीस ने साफ कर दिया था कि हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम की प्रतिक्रिया

मुंबई ट्रेन बम विस्फोट के आरोपियों को बरी किए जाने पर वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने बड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मुंबई सत्र न्यायालय जिन सबूतों के आधार पर सजा सुनाता है, वे हाईकोर्ट में टिक नहीं पाते, तो इसमें किसकी गलती है? आज आरोपियों को बरी किया जाना गंभीर है. मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगी।

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