महाराष्ट्र में 22552 करोड़ रुपए की ठगी, फडणवीस सरकार ने किया चौंकाने वाला खुलासा

विधान परिषद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सीएम फडणवीस ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में मुंबई को छोड़कर महाराष्ट्र में लगभग 1.05 करोड़ निवेशकों को 22,552 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा।
पिछले 10 वर्ष में मुंबई को छोड़कर महाराष्ट्र में लगभग 1.05 करोड़ निवेशकों को 22,552 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा।
प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
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मुंबई: महाराष्ट्र में बढ़ते साइबर क्राइम के बीच सरकार ने एक नया आंकड़ा जारी किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधान परिषद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इन आंकड़ों का खुलासा किया है।पिछले 10 वर्ष में मुंबई में लगभग 2.71 लाख निवेशकों से 2.95 लाख करोड़ रुपये की ठगी हुई।

विधान परिषद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में फडणवीस ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में मुंबई को छोड़कर महाराष्ट्र में लगभग 1.05 करोड़ निवेशकों को 22,552 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा।

उन्होंने कहाने कहा कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जानकारी दी है कि मुंबई में पिछले दस साल में 2.71 लाख निवेशकों से 2,95,451 करोड़ रुपये की ठगी हुई है।

पिछले 10 साल में 46,321 मामले दर्ज

वर्ष 2016 से 2025 तक राज्य में 11,033.97 करोड़ रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े कुल 46,321 मामले दर्ज किए गए। फडणवीस ने अपने जवाब में कहा कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल को 2024 में महाराष्ट्र से 1,186.46 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े 58,157 मामलों की जानकारी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई से 31,583 मामले, पुणे से 13,971 और ठाणे से 12,582 मामलों की जानकारी मिली। फिलहाल, राज्य में 50 साइबर थाने कार्यरत हैं। निवेशकों को ठगने वाली विभिन्न वित्तीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए, मुंबई पुलिस और राज्य की विभिन्न पुलिस इकाइयों ने एक आर्थिक खुफिया इकाई का गठन किया है।

ऑन ड्यूटी 427 पुलिस कर्मियों की मौत

उद्धव ठाकरे गुट के नेता सुनील शिंदे ने विधान परिषद में स्टेट पुलिस के मेंटल हेल्थ और ड्यूटी ऑवर्स का मुद्दा उठाया था। इसका जबाव देते हुए बुधवार को महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया था कि सरकार के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 से लेकर जून 2025 तक ऑन ड्यूटी 427 पुलिस कर्मचारियों की मृत्यु हुई है।

सरकार के मुताबिक इसके नेचुरल डेथ समेत सुसाइड और हार्ट अटैक जैसे सभी आंकड़े शामिल हैं, जिसमें से 25 पुलिस अधिकारियों ने आत्महत्या की उसके कई कारण हैं।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि पुलिस वेलफेयर के लिए काम किया जा रहा है, यह सत्य है कि कई पुलिस कर्मचारियों की मौत ऑन ड्यूटी हुई है और उसके विभिन्न कारण है।

मंत्री योगेश कदम ने बताए मौत के कारण

मंत्री कदम ने बताया कि उदाहरण के तौर पर हार्ट अटैक से 95 और कार्डियक अरेस्ट से 75 पुलिस कर्मचारियों की मृत्यु हुई और ऐसे कई कारण हैं। कैंसर से भी 6 की मौत हुई है। जिन 25 पुलिस अधिकारियों ने आत्महत्या की उसके भी अलग-अलग कारण हैं। इनमें पारिवारिक कारण, 3 की शराब के लत के कारण, डिप्रेशन के चलते 1 और ऐसे कुछ और कारण शामिल हैं।

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