

Nagpur News: स्थानीय महामेट्रो के संयुक्त प्रबंधक, मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन विभाग के प्रभारी अधिकारी महेश मोरोने ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग और प्रबंधन, जैव विविधता का संरक्षण, पर्यावरण पर हानिकारक प्रभावों को कम करना और कार्बन उत्सर्जन को कम करने वाली तकनीकों का विकास करके पर्यावरण की देखभाल करना आज के इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां हैं।
इंजीनियरिंग के छात्र पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मोरोने शासकीय पॉलिटेक्निक संस्था में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। संस्था में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानदंडों के अनुसार विद्यार्थी प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. आरपी मोगरे ने की। इस अवसर पर डॉ. वीएच मानकर एवं डॉ. एसआर कुकड़पवार उपस्थित थे। एआईसीटीई के दिशानिर्देशों के अनुसार व्यक्तित्व विकास, योग एवं ध्यान, करिअर मार्गदर्शन, सॉफ्ट स्किल्स, साइबर सुरक्षा, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, दृष्टिकोण निर्माण, गणित के साथ मस्ती, संस्थान एवं विभागीय भ्रमण जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में अनेक बहुमुखी वक्ताओं ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शासकीय तकनीकी संस्थान नागपुर बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी जोर देता है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संस्थान में संचालित विभिन्न छात्र अध्यायों- जिमखाना, आईएसटीई, आईईएल, हॉबी क्लब की जानकारी दी. डॉ. मानकर, डॉ. कुकड़पावर, डॉ. रायलू, डॉ. सुरेन्द्र गोले ने भी मार्गदर्शन किया।
इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा भी दी। प्राचार्य मोगरे के नेतृत्व में इंडक्शन प्रोग्राम के मुख्य समन्वयक प्रो. अमरदीप खोबरागड़े, सहयोगी अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थी प्रतिनिधि वाचमू ने अथक परिश्रम किए।