

गन्ने के 5,500 प्रति टन भाव की मांग पर राजू शेट्टी ने आंदोलन की रणनीति बदली।
31 घंटे तक पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर यातायात रोकने के बाद किसान सड़क से हटेंगे।
बिना निर्धारित भाव घोषित किए पेराई शुरू करने वाली चीनी मिलों को बंद कराने की चेतावनी।
आंदोलन के लिए दो टीमें बनाई गईं; एक टीम हुबली की ओर पैदल रवाना होगी।
29 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के आवास का घेराव करने की योजना।
Kolhapur Raju Shetty Sugarcane Price Protest Sugar Mills: गन्ने के 5,500 प्रति टन भाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने रणनीति बदलने का फैसला किया है। पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर 31 घंटे तक प्रदर्शन के बाद किसान अब बिना घोषित भाव के गन्ने की पेराई शुरू करने वाली चीनी मिलों को बंद कराने की कोशिश करेंगे।
कोल्हापुर, गन्ने के लिए 5,500 प्रति टन भाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने आंदोलन की रणनीति बदलने का ऐलान किया है। पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर करीब 31 घंटे तक यातायात रोककर प्रदर्शन करने के बाद अब किसान सड़क जाम करने के बजाय राज्य में शुरू हुई चीनी मिलों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
शेट्टी ने चेतावनी दी कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज करने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उनके इस फैसले से किसान संगठन और चीनी मिल संचालकों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है।
राजू शेट्टी के नेतृत्व में किसानों ने कोल्हापुर शहर और बेलगावी के बीच कोगनोली टोल नाके पर गन्ने का 5,500 प्रति टन भाव घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर यातायात रोक दिया था।
शेट्टी का आरोप है कि 31 घंटे तक सड़क पर बैठने के बावजूद सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने आंदोलन का तरीका बदलने का फैसला किया।
शेट्टी ने कहा कि जिन चीनी मिलों ने गन्ने का 5,500 प्रति टन भाव घोषित किए बिना पेराई शुरू की है, उन्हें बंद कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी मिलों से चीनी का एक दाना भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
शेट्टी ने यह भी कहा कि यदि इसके बावजूद कोई मिल चलती रहती है, तो वहां की चीनी गरीबों में बांट दी जाएगी। ये संगठन की ओर से दी गई चेतावनियां हैं; मिलों को बंद कराने की कार्रवाई किस तरह की जाएगी, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। पहली टीम हुबली की ओर पैदल रवाना होगी और 29 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के आवास का घेराव करेगी।
दूसरी टीम राजू शेट्टी के नेतृत्व में कोल्हापुर, सांगली, सतारा और सोलापुर जिलों में सक्रिय रहेगी। यह टीम उन चीनी मिलों को बंद कराने का प्रयास करेगी, जो किसानों की मांग के अनुरूप भाव घोषित किए बिना गन्ने की पेराई शुरू करेंगी।
शेट्टी के अनुसार, आंदोलन शुरू होने से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के प्रमुख चीनी मिल संचालकों से मुलाकात कर किसानों की मांगों में सहयोग करने की अपील की थी। उनका आरोप है कि पिछले सात वर्षों में मिल संचालक गन्ने का उचित मूल्य बढ़ाने में सफल नहीं रहे हैं।
अब आंदोलन की रणनीति बदलने के बाद निगाहें इस बात पर रहेंगी कि चीनी मिल संचालक और सरकार किसानों की मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।