

Jyotiba Temple Viral Video: महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित ऐतिहासिक ज्योतिबा मंदिर से एक विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ आस्था के केंद्र में हिंसा का तांडव देखने को मिला। मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं के बीच हुए विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि 15-20 पुजारियों के समूह ने दो युवकों को जमीन पर पटककर बेरहमी से पीटा।
यह घटना रविवार सुबह की है जब मंदिर में पारंपरिक आरती और प्रदक्षिणा का कार्यक्रम चल रहा था। मंदिर प्रशासन का दावा है कि कुछ श्रद्धालु नशे की हालत में थे और उन्होंने धार्मिक विधि में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच ज्योतिबा मंदिर में सासन-काठी के साथ पारंपरिक प्रदक्षिणा चल रही थी। आरोप है कि कुछ श्रद्धालुओं ने अनुशासनहीन व्यवहार करते हुए पुजारियों पर गुलाल फेंका और उनकी पारंपरिक पगड़ियाँ नीचे गिरा दीं। इस दौरान आरती में व्यवधान पड़ने से पुजारी आक्रोशित हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुजारियों ने उन श्रद्धालुओं को पकड़कर मंदिर परिसर के भीतर ही पीटना शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद अन्य भक्तों में अफरा-तफरी मच गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि पुजारियों का एक बड़ा समूह दो युवकों पर टूट पड़ा है। युवक जमीन पर गिरकर रहम की भीख मांग रहे हैं, लेकिन पुजारी उन्हें लात-घूंसों और लाठियों से मार रहे हैं। वीडियो में कुछ पुजारी श्रद्धालुओं के सिर पर वार करते भी नजर आ रहे हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद अन्य लोग डर के मारे भागते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर पुजारियों द्वारा इस तरह की 'गुंडागर्दी' किए जाने पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
घटना के बाद कोल्हापुर पुलिस और मंदिर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि मंदिर पक्ष का तर्क है कि श्रद्धालु नशे में थे और उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई, लेकिन कानूनविदों का कहना है कि किसी को भी हाथ में कानून लेने का अधिकार नहीं है। इस घटना ने प्रसिद्ध मंदिरों में 'क्राउड मैनेजमेंट' और पुजारियों के व्यवहार पर एक नई बहस छेड़ दी है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल पुजारियों की पहचान करने की प्रक्रिया में है।